बाराबंकी : सरयू नदी के जलस्तर में गुरुवार को गिरावट आई है। इससे बाढ़ का त्वरित खतरा तो टल गया लेकिन बाढ़ की आशंका से लोग चितित हैं। प्रशासन की ओर से भी संभावित बाढ़ के ²ष्टिगत तैयारियां की गई हैं। बुधवार को जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर के सापेक्ष 105.626 मीटर तक पहुंचा था। मध्य रात के बाद जलस्तर घटने लगा जो गुरुवार को दोपहर दो बजे 105.596 मीटर रह गया। बारिश होने पर जलस्तर बढ़ सकता है।

जलस्तर खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर पहुंचने पर तटवर्ती गांवों के रास्तों पर पानी भर जाता है। करीब तीन दर्जन गांवों का आवागमन नाव के सहारे हो जाता है। नदी की कटान से तटवर्ती गांवों की जमीन भी नदी में कटने लगती है। पिछले साल कहारनपुरवा, तेलवारी व गोबरहा गांव की जमीन नदी में कट गई थीं। कटान से बचाव के लिए इस बार काफी काम हुआ है। सूरतगंज ब्लाक में सरयू नदी के किनारे बसी ग्राम पंचायत हेतमापुर, अकौना, बल्लोपुर द्वितीय, बतनेरा, सरसंडा, पर्वतपुर, करमुल्लापुर व बिझला के 34 गांव हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस बार भी इन गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से चितित हैं। क्योंकि, इससे पहले करीब तीन हजार परिवार बाढ़ के चलते बेघर हो चुके हैं। इस बार अभी तक बाढ़ से बचाव के लिए दो बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। प्रभारी एडीओ विपिन कुमार ने बताया कि नावों को ठीक कराया जा रहा है। अस्थाई शौचालय भी बाढ़ प्रभावित इलाके में बनाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है। इनसेट-

मुख्य अभियंता ने किया निरीक्षण : सिचाई विभाग के मुख्य अभियंता एके सिंह ने बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह के साथ सरयू नदी के तटवर्ती गांव तेलवारी व कहारनपुरवा में बाढ़ से बचाव के कार्यों का गुरुवार को निरीक्षण भी किया। उन्होंने कराए गए कार्यों की निगरानी व मरम्मत सहित अन्य कार्य की जरूरत है उसे करवाने के लिए निर्देशित किया।

एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने भी बाढ़ की आशंका के ²ष्टिगत तटवर्ती गांवों में जाकर लोगों से बात कही। उन्होंने बताया कि अभी बाढ़ का खतरा नहीं हैं।

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