बाराबंकी: मदरसा उम्मुल कुरआन सूरतगंज नामक उर्दू में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर बीते कई दिनों से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में सूरतगंज के एक मदरसे का नाम देते हुए लिखा गया था कि मदरसा लॉकडाउन के ²ष्टिगत आवश्यक कार्य के लिए खोला गया था। यहां पुलिस ने पहुंचकर कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।

यह पोस्ट जब सोशल मीडिया में वायरल हुई। तो मदरसा संचालकों में भय के साथ आक्रोश फैलने लगा और हर तरफ चर्चा शुरू हो गई। इसे समुदाय विशेष पर अत्याचार बताया जाने लगा, लेकिन जैसे ही इसकी भनक सूरतगंज चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र मिश्रा को हुई तो उन्होंने ने इसकी जानकारी उच्चधिकारियों को दी। समय रहते ही चौकी प्रभारी की जांच-पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि उम्मुल कुरआन नाम का न तो सूरतगंज में कोई मदरसा है न ही इससे संबंधित किसी की गिरफ्तारी हुई है। चौकी प्रभारी ने जांच रिपोर्ट जब मातहतों को सौंपी तो बाराबंकी पुलिस ने इसे भ्रामक व असत्य बताया। चौकी प्रभारी ने बताया कि जांच में मामला फर्जी पाया गया है। पोस्ट लिखने वाले की तलाश की जा रही है।

Posted By: Jagran

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