बाराबंकी, जेएनएन। स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के नाम पर बने स्कूल को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। पत्र से धमकी देने वाले ने खुद को आतंकी मसूद लिखा था और 15 लाख रुपया की मांग की गई थी। स्कूल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस अलर्ट हो गई और डॉग डॉग स्क्वॉड ने जांच भी की। बम न मिलने की दशा में भी पुलिस हाई अलर्ट पर है।

राजधानी लखनऊ से सटे जिला बाराबंकी के वीर सावरकर के नाम पर बने स्कूल को आतंकी मसूद अजहर के नाम पर बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिला। निजी स्कूल के प्रबंधक के नाम संबोधित इस पत्र में 15 लाख रुपया की रंगदारी मांगी गई है। पत्र स्कूल की दिवार पर लगा हुआ मिला जिसमें प्रबंधक से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस पत्र की जानकारी मिलते ही वहां कई थानों की पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहां डॉग स्क्वॉड का दस्ता भी मौके पर पहुंचा, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।

थाना सतरिख क्षेत्र के भनौली गांव में जैदपुर-बाराबंकी मार्ग पर वीर सावरकर विद्यालय है। शुक्रवार को विद्यालय प्रबंधक के कार्यालय के पास लिफाफा चस्पा मिला। कर्मचारी सुरेंद्र ने जब लिफाफा खोलकर उसमें रखे पत्र को पढ़ा तो उसके होश उड़ गए। प्रबंधक सुभाष चंद्र ने बताया कि पत्र में लिखा है कि मैं मसूद अजहर आप को सूचित कर रहा हूं कि स्कूल में बम लगा दिया गया है और उसका रिमोट मेरे हाथ में है। 16 सितंबर को 15 लाख रुपये लेकर लखनऊ के निकट इंदिरा नहर से 100 मीटर दूरी पर पहुंच जाना। वहां मेरा आदमी मिलेगा। इसमें कोई होशियारी की तो ध्यान रखना बम का रिमोट मेरे हाथ में है। प्रबंधक ने इसकी सूचना डायल 100 पुलिस को दी।

स्कूल में बम की जानकारी मिलते ही एटीएस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद स्कूल में काफी देर तक जांच-पड़ताल की गई, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला। इस स्कूल मैनेजर सुभाष यादव ने बताया कि पत्र में 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक अशोक शर्मा ने बताया कि आतंकी संगठन ने एक पत्र स्कूल के मैनेजर को भेजा है, जिसमें 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फिरौती ने देने पर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई है। सूचना मिलने पर पुलिस और एटीएस ने स्कूल की चेकिंग की गई। जिसमें कोई बम नहीं मिला। यह शरारत के अलावा और कुछ नहीं है। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

सहम गए छात्र

जिस समय विद्यालय में धमकी भरा पत्र मिला उस समय छात्र विद्यालय पहुंच चुके थे। जानकारी मिलने पर बच्चे भी सहम गए। प्रबंधक सुभाष चंद्र ने बताया कि जांच पड़ताल जारी रही परंतु शिक्षण कार्य बाधित नहीं हुआ। यदि अवकाश दे देते तो बच्चे और भयभीत हो जाते। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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