बाराबंकी : रामनगर के शेखपुर अलीपुर गांव में पीएम आवास घोटाले में तीन एडीओ पंचायत सहित पांच कर्मचारी जांच में दोषी पाए गए थे। इनके खिलाफ मुकदमा भी हुआ था। एफआइआर के नौ माह बाद भी न तो पुलिस जांच प्रक्रिया आगे बढ़ा रही थी और न ही विभागीय कार्रवाई हुई थी। जिले के सबसे बड़े घोटाले को दबाने की कोशिश में अफसर और पुलिस लगी है। दैनिक जागरण ने बुधवार के अंक में 'पुलिस और अफसरों ने दबा दी आवास घोटाले की फाइल' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर डीएम ने डीपीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। अब सभी आरोपितों का निलंबन होगा, जिसकी फाइल चल चुकी है। सहायक निदेशक मत्स्य बीएस चौरसिया की जांच में पीएम आवास का घोटाला सामने आया था। पूरेडलई ब्लाक के एडीओ पंचायत राघवेंद्र प्रताप सिंह, रामनगर ब्लाक के तत्कालीन एडीओ पंचायत प्रभारी अखिलेश कुमार दुबे, ग्रामीण सेवा अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता चेतराम, ग्राम विकास अधिकारी अमरेंद्र सिंह व सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत श्याम कृष्ण दोषी पाए गए थे। अब अखिलेश दुबे का निलंबन डीपीआरओ करेंगे, जबकि एडीओ पंचायत पूरेडलई के निलंबन के लिए निदेशालय फाइल भेजने की तैयारी चलने लगी है। जेई के निलंबन को लेकर विभाग को लिखा जा रहा है और अमरेंद्र के निलंबन के लिए डीडीओ को पत्र बनाया गया है। डीपीआरओ रणविजय सिंह ने बताया कि कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुराने मकान का प्लास्टर कराकर निकाला था धन : रामनगर ब्लाक के शेखपुर अलीपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2016 से लेकर 2018 तक अपात्रों को आवास देकर लाभ दिया गया था। यहां पुराने मकान में प्लास्टर कराकर धन निकाल लिया गया था। कुछ के पहचान पत्र बदलकर पैसों का गबन किया गया था।

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