बाराबंकी : विलुप्त हो रही कल्याणी नदी को उसका प्राकृतिक स्वरूप देने की कोशिश फलीभूत होती दिखाई दे रही है। चिन्हांकन के बाद अब 27 फरवरी से बुढ़ना ग्राम पंचायत से पुनरोद्धार के दूसरा चरण की शुरुआत की जाएगी।

निदूरा ब्लॉक की खुज्झी ग्राम पंचायत के धन्नाग तीर्थ के पास से कल्याणी नदी जिले की सीमा में प्रवेश करती है। सीतापुर जिले की सीमा पर स्थित होने के कारण वहां के अधिकारियों से भी समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। बीडीओ निदूरा मुनेश चंद्र ने बताया कि सीतापुर से एक-दो दिन में तकनीकी स्वीकृति मिलने पर मस्टर रोल जारी कर दिया जाएगा। शारदा नहर से फतेहपुर सीमा तक सिचाई विभाग लखनऊ खंड सफाई कार्य कराएगा।

एक सप्ताह में कराया गया चिन्हांकन

निदूरा ब्लॉक की 35 ग्राम पंचायतों की परिधि में नदी काफी पट चुकी है। नदी के किनारे लोग खेती कर रहे हैं। बीडीओ मुनेश चंद्र ने बताया कि पुनरोद्धार के लिए नदी की पैमाइश करवाकर बुढ़ना, भंडार, देवरा, सिरसईपुर, जजियामऊ, खंडसरा, बकसोलिया, अटहरा, अमावा, सिगतरा, बिजौली, पलिया, टिकरा, दीनपनाह आदि सीमावर्ती गांवों में चिन्हांकन कराया गया। यह कार्य 27 जनवरी से तीन फरवरी के मध्य चिन्हांकन कराया गया।

फ्लैश बैक ::::: तीन मार्च को पहले चरण की हुई थी शुरुआत

कल्याणी नदी के पुनरोद्धार के पहला चरण की शुरुआत तीन मार्च 2020 को फतेहपुर ब्लॉक के होलीपुरवा मजरे मवैया से विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने डीएम आदर्श सिंह, तत्कालीन सीडीओ मेधा रूपम की मौजूदगी में की थी। लॉकडाउन के दौरान लौटे प्रवासियों ने भी नदी की सिल्ट सफाई में काम किया था, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की थी। इसके लिए डीएम डॉ. आदर्श सिंह को स्कॉच अवार्ड भी मिला है। पहले चरण की सफलता से उत्साहित डीएम ने मनरेगा से 171 किलोमीटर लंबी इस नदी की सफाई का निर्णय लिया है।

Edited By: Jagran