बाराबंकी : सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर सापेक्ष गुरुवार की शाम चार बजे 106.236 मीटर ऊपर पहुंच गया। इससे तटवर्ती कई गांवों में पानी भरने लगा है। दहशतजदा ग्रामीण तटबंध या अन्य सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने लगे हैं। सूरतगंज ब्लाक के सुंदरनगर, कोड़री, कचनापुर, हेतमापुर, सरसंडा, बेलहरी, बतनेरा गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। यहां के लोग तटबंध पर पहुंच रहे हैं। गांव से निकलने के लिए नाव का सहारा है।

हेतमापुर तटबंध के निकट पुलिया गुरुवार को बह गई। कोड़री गांव के निकट पुलिया भी नहीं बनवाई जा सकी, जबकि एसडीएम ने अपने निरीक्षण के दौरान निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया था। विधायक शरद अवस्थी ने सूरतगंज-हेतमापुर मार्ग पर सुंदर नगर के निकट व कोड़री के निकट रपटा पुलिया निर्माण, तटबंध से झलरिया मंदिर तक इंटरलाकिग व एक पुलिया तथा ललकपुरवा को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले मार्ग पर तीन पुलिया निर्माण के लिए पत्र लिखा था। यह कार्य नहीं हो सके। ऐसे में पानी का बहाव गांवों की ओर तेजी से हो रहा है। कोड़री गांव को ग्रामीण सामान सहित खाली कर तटबंध पर पहुंच रहे रहे हैं।

रामनगर ब्लाक के ग्राम कोरिनपुरवा मजरे तपेसिपाह के निकट सरयू का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ कार्य खंड की ओर से कटान रोकने के लिए पेड़ों की टलनियां लगाई गई हैं। अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड शशिकांत सिंह ने बताया कि पानी बढ़ने पर कटान का खतरा नहीं है। जिले के बार्डर पर ही सीतापुर के अखरी व सिरौलीगौसपुर के तेलवारी सहित अन्य तटवर्ती गांवों में टीम तैनात है। नदी में दो लाख 90 हजार क्यूसिक पानी चल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात : हेतमापुर तटबंध पर स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। सीएचसी सूरतगंज अधीक्षक डा. राजर्षि त्रिपाठी ने बताया कि 24 घंटे प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रहेगी।

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