बाराबंकी : मौसम का मिजाज बुधवार को सुबह और शाम परेशानी तथा दोपहर में राहत देने वाला रहा। सुबह न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। इसके बाद चटख धूप निकली तो अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस मापा गया। धूप निकलने से जनमानस के साथ ही पशु पक्षियों को भी राहत मिली।

एक हफ्ते बाद इतनी चटख धूप निकली इससे लोगों की दिनचर्या बहाल हो गई। लोग घरों से निकले। घरों की छतों पर कपड़े सुखाने के साथ ही लोग धूप में बैठे भी दिखी। जिला महिला चिकित्सालय में प्रसूताएं अपने शिशुओं को लेकर कक्षों से निकलकर धूप में बैठीं। अपने नवजात पौत्र को लेकर धूप में बैठी शिव प्यारी नामक महिला ने कहा कि ठंड के चलते अस्पताल में जच्चा-बच्चा दोनों का जीवन संकट में लग रहा था। धूप खिलने से काफी राहत हुई है। यही हाल रफी अहमद किदवई जिला चिकित्सालय परिसर में दिखाई पड़ा। चलने-फिरने लायक मरीज वार्डों से निकलकर चिकित्सालय परिसर में बने पार्क में धूप का आनंद लेते दिखे।

फसलों के लिए धूप संजीवनी : प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा ने रबी की फसलों के लिए धूप को संजीवनी बताया है। उन्होंने कहा कि आलू की फसल के लिए धूप काफी लाभप्रद है। इससे धूप से फसल में झु़लसा व पटका रोग नियंत्रण में मदद मिलेगी। बारिश की मार झेल चुकी सरसों व गेहूं की फसल को भी फायदा होगा।

Posted By: Jagran

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