बाराबंकी : आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। यह सत्यापन मंगलवार से शुरू किया गया है। गांव-गांव जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम ने लाभार्थियों की सच्चाई परख रही हैं। जिले में 68 हजार कुपोषित बच्चे हैं। गर्भवती महिलाएं 35291, धात्री महिला 32 हजार 173, सात से तीन वर्ष के एक लाख 96 हजार 670 बच्चे हैं। तीन से छह वर्ष के एक लाख 44 हजार 837 बच्चे पंजीकृत हैं। खून की कमी से ग्रस्त 32 प्रतिशत महिलाएं है। कागजों में दर्ज इन लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार चौरसिया ने बताया कि सत्यापन इसलिए किया जा रहा है कि सही पात्रों को लाभ दिया जा सके। सत्यापन के साथ-साथ ग्रामीणों को खान-पान के बारे में और स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने की सलाह दी जा रही है। यह वितरित होता है पूरक पोषाहार : लाभार्थियों को पूरक पोषाहार के बारे में भी बताया जा रहा है। गर्भवती महिला, धात्री, किशोरी व छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को पोषाहार मिलता। गर्भवती महिलाओं को हर माह की पांच तारीख प्री मिक्स एक किलो लड्डू, 15 को एक किलो मीठा दलिया, 25 को नमकीन एक किलो दलिया मिलता। छह से तीन वर्ष के बच्चों को हर माह की पांच तारीख को वी¨नग फूड एक किलो, 15 को मीठा दलिया, 25 को नमकीन दलिया दी जाती है। तीन से छह वर्ष के बच्चों को बुधवार व शनिवार को प्रति बच्चे को 50 ग्राम का लड्डू, सोमवार व गुरुवार को नमकीन दलिया, मंगलवार और शुक्रवार को मीठा दलिया दिया जाता है।

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