- गृह मंत्री व पूर्व सीएम की बंद परियोजना से प्रशासन अनजान

- पूर्व सीएम रहते किया था पानी की टंकी का शुभारंभ

- हैदरगढ़ राजनाथ ¨सह का रहा है विधान सभा क्षेत्र

- क्षेत्रीय भाजपा विधायक को जानकारी ही नहीं

संवादसूत्र, नई सड़क (बाराबंकी) : पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा गृह मंत्री राजनाथ ¨सह की पेयजल परियोजना को भी अफसरों ने नहीं छोड़ा। इस परियोजना में भ्रष्टाचार से आमजन को दूषित पानी-पीना पड़ रहा है। राजनाथ ¨सह ने सीएम रहते असंदरा क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने का वादा किया था। वादा पूरा भी हुआ, लेकिन अफसरों ने अधिक दिन जलापूर्ति होने नहीं दी। अब यह ओवरहेड टैंक कई वर्ष से सूखा पड़ा है। प्रदेश में भाजपा सकरार आने के बाद लोगों को जलापूर्ति की उम्मीद लगी थी, अब वह भी धुंधली हो रही है।

हैदरगढ़ विधान सभा क्षेत्र से बतौर मुख्यमंत्री राजनाथ ¨सह उपचुनाव में विधायक चुने गए थे। संबंधित उपचुनाव में राजनाथ ¨सह ने असंदरा क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिया था कि उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाऊंगा। चुनाव जीतने के बाद राजनाथ ¨सह ने विशेष तौर पर असंदरा सहित आधा दर्जन गांवों के लिए 90 हजार गैलन के ओवरहेड टैंक का निर्माण करवाया। जिसका शुभारंभ 2001 में बतौर सीएम राजनाथ ¨सह ने किया था। निर्माण के बाद जल निगम के ठेकेदार ने पांच वर्ष तक यहां जलापूर्ति की। इसके बाद 2006 में ग्राम प्रधान को हैंडओवर कर दी, उसके बाद से जलापूर्ति भी बंद हो गई। अब लगभग दस हजार की आबादी शुद्ध पेयजल को तरस रही है, क्योंकि यह पानी की टंकी बीते कई वर्षों से बंद है। पेयजल परियोजना की अधिकांश पाइप लाइन फट चुकी है, वाल भी खराब हो चुकी है। जिससे पानी की टंकी निष्प्रयोज्य हो गई है। अफसरों पर आरोप है कि पूर्व सीएम के प्रोजेक्ट में भी खेल किया था, जिससे टंकी से जलापूर्ति निरंतर नहीं हो पाई।

317 कनेक्शन : पूर्व सीएम राजनाथ ¨सह ने जल निगम को निर्देश दिया था कि असंदरा कस्बे के साथ-साथ ग्राम पंचायत मिर्चिया, बाजारपुरवा, गढ़ी, शेषपुर सहित आस-पास के गांवों को जलापूर्ति के कनेक्शन देकर शुद्ध पानी पहुंचाया जाए। अफसरों ने निर्देशों का उल्लंघन कर सिर्फ 317 परिवारों को कनेक्शन दिया गया। कई गांवों में तो पाइप लाइन बिछाई ही नहीं गई थी।

टूटा पूर्व सीएम का सपना

असंदरा के बच्चन सोनी, भागीरथ, बाबू लाल, आशुतोष शुक्ला बताते हैं कि पूर्व सीएम का सपना अफसरों ने तोड़ दिया। हम लोगों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने में अधिकारियों ने खेल किया है। इस समय टोटी टूटी पड़ी है। कई वर्षों से जलापूर्ति बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि माह में एक दो बार पानी की टंकी में लगा नलकूप से बाजारपुरवा में जलापूर्ति की जाती है, जो सिर्फ थोड़ी देर के लिए। लोगों को तो पता ही नहीं चल पाता कि कब पानी की टंकी संचालित हुई और कब बंद होती है। पानी की टंकी की रखवाली करने वाले चौकीदार राजेंद्र कुमार ने बताया कि दो वर्ष सात माह से पानी की टंकी बंद है।

कोट

मसौली और लक्ष्मनपुर के ओवरहेड टैंक से बंद जलापूर्ति शुरू करवा दी है। असंदरा कस्बे में ओवरहेड टैंक की जानकारी नहीं थी। इस परियोजना में जांच की मांग की जाएगी। आखिर ऐसा क्या था कि ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति बंद हो गई। लोगों को हमारी सरकार में शुद्ध पानी जरूर मिलेगा।

-उपेंद्र कुमार रावत, विधायक, जैदपुर, बाराबंकी।

Posted By: Jagran