बाराबंकी: जिला स्तर पर वार्ता बेनतीजा रहने पर एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। प्रशासन व जिला स्तर संगठन पर वार्ता होने के बाद 38 एंबुलेंस को एंबुलेंस चालकों ने रिलीज कर दिया। दूसरी ओर से प्रशासन की ओर से 15 लोगों को सेवा समाप्ति की नोटिस भी जारी की गई है। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष योगेश लोधी ने बताया कि मंगलवार की रात वार्ता के बाद 38 एंबुलेंस को दे दिया गया है। हम लोग इंतजार कर रहे हैं कि जो अन्य एंबुलेंस शेष है वह सीएमओ स्तर पर ले ली जाए। हमलोग प्रांतीय नेतृत्व जो निर्णय लेगा उसी के अनुरूप कार्य करेंगे। जानबूझकर दबाव बनाने के लिए रीजनल मैनेजर व व प्रोग्राम मैनेजर की ओर से 15 लोगों को नोटिस सेवा समाप्ति की भेजी गई है। कहा कि कोरोना काल में मृतकों के आश्रितों के परिवार को 50 लाख की बीमा राशि और सहायता राशि सरकार की ओर से जारी की जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी तरह की कटौती न किया जाए। उन्होंने कहा कि एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को न बदला जाए। कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारियों को ठेकेदारी से मुक्ति दी जाए। प्रदर्शन में दिलीप कुमार, कृष्ण कुमार यादव, सोनू, अरविद शर्मा, सुरेंद्र बहादुर यादव संदीप चौहान, भरत सिंह, अवधेश कुमार द्विवेदी, अशफाक अली, कमलाकांत वर्मा, राजकुमार, राम अवध, शिवकुमार, सर्वेश यादव आदि शामिल रहे। मरीज व तीमारदार रहे परेशान: एंबुलेंस कर्मियों की ओर से की जा रही हड़ताल मरीज और तीमारदारों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। बुधवार को भी कई मरीज व उनके साथ आए तीमारदार एंबुलेंस न मिलने के कारण परेशान दिखे। जरूरतमंद एंबुलेंस के लिए 102 व 108 पर फोन करते रहे पर उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल पाई। ई-रिक्शा, आटो तो कोई निजी साधन से रोगी को लेकर अस्पताल पहुंचा।

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