यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक काल पर पहुंचेगी मोबाइल वैन, होगा इलाज
जारी होगा टोल फ्री नंबर मोबाइल वैन का भी संचालन करेगा प्राइवेट सेक्टर

बाराबंकी (दीपक मिश्रा)
स्वास्थ्य विभाग की तरह अब पशुपालन विभाग भी सेवाओं को बेहतर बनाने जा रहा है। इसके लिए मोबाइल चिकित्सा वैन के खरीदने का खाका तैयार किया जा रहा है। अयोध्या मंडल में बाराबंकी, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुलतानपुर व अयोध्या जिला हैं। यहां छोटे-बड़े 44 लाख 63 हजार 779 पशु हैं। प्रदेश में 590 और मंडल में 44 वैन खरीदी जाएंगी। एंबुलेंस की तरह ही मोबाइल वैन का टोल फ्री नंबर होगा। काल करने के कुछ मिनट में ही मोबाइल वैन मौके पर पहुंच जाएगी। वैन में मौजूद चिकित्सक और कर्मचारी घायल/बीमार पशुओं का इलाज करेंगे। इस वैन का संचालन प्राइवेट सेक्टर करेगा। प्रति एक लाख पशुओं पर एक मोबाइल चिकित्सा वैन दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की तरह ही एंबुलेंस होगी, जिसमें पशुओं के इलाज की दवाएं और जांच की भी सुविधा होगी। वैन पूरी तरह से हाईटेक होगी।
जिले को मिलेंगी दस वैन : जिले में आठ लाख 33 हजार बड़े और दो लाख 35 हजार छोटे पशु हैं। जिले में कुल पशुओं की संख्या दस लाख 70 हजार है। प्रति एक लाख पर एक मोबाइल वैन होगी, इस तरह से दस चिकित्सा वैन मिलेंगी।
इलाज का देना होगा सूक्ष्म पैसा : मोबाइल वैन संचालन के लिए प्राइवेट सेक्टर को लगाया जाएगा। यदि कोई पशु बीमार है तो मोबाइल वैन जाएगी और इलाज करेगी। पशुपालक को सूक्ष्म पैसा देना हेगा। बाकी पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। वहीं कहीं चोटिल पशु पड़ा है तो उसका इलाज फ्री होगा।
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फैक्ट फाइल
जिला-बड़े पशु-छोटे पशुओं की संख्या
अयोध्या-6,22,687-2,02,307
अंबेडकरनगर-6,06,122-1,75,741
सुलतानपुर-6,78,491-2,18,113
अमेठी-6,58,318-2,33,156
बाराबंकी-8,33,592-2,35,252
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अब स्वास्थ्य विभाग की तरह पशुपालन विभाग में भी मोबाइल वैन संचालित होंगी। केंद्र सरकार की ओर यह सुविधा दी जाएगी। मंडल में लगभग 44 से 45 मोबाइल एंबुलेंस खरीदी जाएंगी।
-डा. मारकण्डेय, अपर निदेशक, पशुपालन विभाग।
