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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का ड्रेस कोड निर्धारित, सीएसआर फंड से उपलब्ध कराई जाएगी यूनिफॉर्म

Published: Sun, 19 Apr 2026 02:53 PM (IST)

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पहली बार छात्राओं के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। कक्षा 9 से ...और पढ़ें

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का ड्रेस कोड निर्धारित।

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संवाद सूत्र, बाराबंकी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं के लिए पहली बार ड्रेस कोड निर्धारित कर दिया गया है। अब कक्षा नौ से 12 तक की छात्राएं ग्रे कुर्ता, सफेद पैजामा और दुपट्टा पहनेंगी, जबकि सर्दियों में लाल स्वेटर अनिवार्य होगा। सीएसआर फंड से यूनिफॉर्म तैयार कराकर छात्राओं को उपलब्ध कराई जाएगी।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अब तक ड्रेस को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी, लेकिन नए शैक्षिक सत्र से यह स्थिति बदल गई है। पहली बार सभी विद्यालयों में एक समान ड्रेस कोड लागू किया गया है, जिससे छात्राओं में समानता, अनुशासन और पहचान को बढ़ावा मिलेगा।

निर्धारित ड्रेस के अनुसार कक्षा नौ से 12 तक की छात्राएं ग्रे रंग का कुर्ता, सफेद पैजामा और दुपट्टा पहनेंगी, जबकि सर्दियों में लाल स्वेटर अनिवार्य रहेगा। इससे पहले देवा स्थित कस्तूरबा विद्यालय में इस ड्रेस का प्रयोग किया गया था, जिसे सफल माना गया है।

ड्रेस उपलब्ध कराने के लिए कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से दो लाख रुपये की धनराशि मिली है। इस राशि से तीन सौ से अधिक छात्राओं की यूनिफॉर्म सिलवाई जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि सभी छात्राओं को समय से ड्रेस मिल सके, ताकि नई व्यवस्था प्रभावी हो।

केजीबीवी में शिक्षा का दायरा बढ़ाया गया था। कक्षा छह से आठ तक सीमित पढ़ाई को इंटरमीडिएट तक विस्तारित करते हुए जिले के 15 में से 13 विद्यालयों के बंकी, देवा, मसौली, फतेहपुर, निंदुरा, रामनगर, दरियाबाद, सिरौलीगौसपुर, बनीकोडर, सिद्धौर, त्रिवेदीगंज, हैदरगढ़ और हरख में कक्षा नौ की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। वहीं, कक्षा 11 में भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

अब तक कक्षा आठ के बाद छात्राओं को दूसरे विद्यालयों में दाखिला लेना पड़ता था। दूरी, संसाधनों की कमी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई छात्राएं आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाती थीं, लेकिन अब इस नई व्यवस्था से उनकी शिक्षा बिना बाधा जारी रह सकेगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि ड्रेस कोड निर्धारित कर दिया है। सभी 15 विकास खंडों में संचालित कस्तूरबा विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से उच्चीकृत किया जा रहा है। इस पहल से छात्राओं को अपने ही परिसर में इंटर तक पढ़ाई का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य अधिक सुरक्षित व सशक्त बनेगा।

पूरेडलई में शुरू, सूरतगंज में जल्द

जिला समन्वयक बालिका शिक्षा पुनीत मणि त्रिपाठी ने बताया कि सत्र 2025-26 में देवा, मसौली, निंदुरा, सिरौलीगौसपुर, त्रिवेदीगंज और फतेहपुर के कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं हाईस्कूल परीक्षा में शामिल हुई थीं, जो शिक्षा स्तर में सुधार का संकेत है।

इसी प्रगति को देखते अन्य केजीबीवी में भी कक्षा नौ की पढ़ाई शुरू करा दी गई है। इससे ड्रापआउट दर में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि पूरेडलई विकास खंड में उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालय का निर्माण कार्य जारी है, जबकि सूरतगंज में जल्द ही निर्माण शुरू होगा।

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