बाराबंकी में जागरण विमर्श: अब नोएडा-गाजियाबाद की तरह चमकेगा बाराबंकी, SCR होगा मील का पत्थर
Jagran Vimarsh-Barabanki: निचोड़ यह रहा कि यहां विकास की अनंत संभावनाएं हैं और एससीआर से यह जिला एनसीआर के क्षेत्रों की तरह चमकेगा।

जागरण विमर्श के प्रथम सत्र 'विकसित बाराबंकी एवं स्टेट कैपिटल रीजन' पर संवाद हुआ
HighLights
प्रथम सत्र - विकसित बाराबंकी एवं स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर)
राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, साहित्यकार अजय सिंह व एडीएम निरंकार सिंह से संवाद
महेन्द्र पाण्डेय, बाराबंकी : लखनऊ और बाराबंकी में अब दूरी नहीं रह गई है। पड़ोसी जिला अयोध्या भी विकसित हो रहा है। बाराबंकी के विकास के लिए मेट्रो, एसटीपी, विकास प्राधिकरण सहित कई प्रस्ताव किए जा चुके हैं। यह जिला भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में शामिल है।
इसका फायदा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल नोएडा और गाजियाबाद की तरह बाराबंकी को मिलेगा। जागरण विमर्श के प्रथम सत्र 'विकसित बाराबंकी एवं स्टेट कैपिटल रीजन' पर संवाद हुआ तो इसके केंद्र में बाराबंकी रहा, लेकिन परिधि में एससीआर के अन्य जिले भी आए। निचोड़ यह रहा कि यहां विकास की अनंत संभावनाएं हैं और एससीआर से यह जिला एनसीआर के क्षेत्रों की तरह चमकेगा।
सत्र संचालक दैनिक जागरण के इनपुट हेड राजीव बाजपेयी ने संवाद की कला से वक्ताओं को विषय से जोड़ा। प्रश्न किया- एससीआर में शामिल होने के बाद अगले दो वर्षों में बाराबंकी के विकास का विजन क्या है। इस पर खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि बाराबंकी और लखनऊ के बीच दूरियां खत्म हो गई हैं। अयोध्या भी विकसित हो रहा है। एससीआर में शामिल होने से बाराबंकी नोएडा-गाजियाबाद की तरह चमकने को तैयार है।
संवाद विकास से विरासत की ओर मुड़ा। प्रश्न हुआ- अपनी विरासत को संभालते हुए विकास कैसे किया जाए। वरिष्ठ साहित्यकार अजय सिंह गुरुजी ने कहा कि बाराबंकी में स्वर्णकाल चल रहा है। देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने से लोधेश्वर, मत्थेश्वर, औसानेश्वर महादेव मंदिर व राजा गिरधारी सिंह की समाधि स्थल को संवारा जा रहा है। महर्षि वशिष्ठ का गुरुकुल, सतरिख का सूर्य मंदिर व बाराह मंदिर को संवारने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है।
संचालक अब सत्र के अगले वक्ता अपर जिलाधिकारी (एडीएम) निरंकार सिंह से मुखातिब हुए। प्रश्न किया- एससीआर को लेकर प्रशासन क्या काम कर रहा है। सिंह ने बताया- 'बाराबंकी की जनसंख्या 40 लाख हो गई है। सभी को बुनियादी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। एससीआर प्रारंभिक चरण में है। फाइनल सर्वे हो चुका है। उसकी स्वीकृति भी हो गई है और मैप भी तैयार हो गया है। अब द्वितीय चरण की तैयारी की जा रही है। यहां ट्रैफिक व जलभराव बड़ी समस्या है।
इस दिशा में जल्दी क्या होगा, इस पर राज्यमंत्री शर्मा ने कहा, 'नए-नए अवसर सृजित हो रहे हैं। एससीआर से जुड़ने के बाद बाराबंकी में बहुत काम होंगे। बाराबंकी में आवास विकास प्राधिकरण बनाने में क्या दिक्कते हैं। मंत्री ने बताया कि आवास विकास प्राधिकरण का प्रोजेक्ट पहले बना था। इसको लेकर प्रयास चल रहा है।
इस बारे में एडीएम सिंह ने स्पष्ट किया 'प्रस्ताव पर कुछ संशोधन मांगे गए थे। उसे करके भेजा गया है।' श्रोताओं की दीर्घा से प्रदीप जैन ने सीवर लाइन न होने से नालियों में मल बहने समस्या उठाई तो अपर जिलाधिकारी ने कहा, 'यह सही है कि नवाबगंज में सीवरेज लाइन नहीं है। विकास प्राधिकरण का गठन होगा तो लोगों को इस दिशा में भी लाभ मिलेगा।'
अयोध्या से नैमिषारण्य तक परिपथ बनाने का प्रस्ताव
बाराबंकी में धार्मिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्हें कैसे वैश्विक पटल पर लाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार भी मिले। इस पर एडीएम निरंकार सिंह ने कहा कि बाराबंकी में 97 प्रतिशत लोग धार्मिक पर्यटन के लिए आते हैं। इसको देखते हुए अयोध्या से लेकर पारिजात, लोधेश्वर महादेव और नैमिषारण्य तक परिपथ बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यदि वह स्वीकृत होती है, तो यह जिले के लिए बड़ा काम होगा। इसके लिए बनी समिति अध्यक्ष मंडलायुक्त हैं और संबंधित जिलों के अपर जिलाधिकारी सदस्य हैं। एडीएम ने कहा कि बाराबंकी में बाहरी लोग अधिक रहे हैं। नवाबगंज तहसील में प्रतिदिन दो-ढाई सौ रजिस्ट्री हो रही हैं। अनियंत्रित कालोनियां बन रही हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक से बन नहीं रहा। इसके दृष्टिगत विकास प्राधिकरण के साथ सुलतानपुर रोड और सफदरगंज के पास टाउनशिप बनाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है।'
मेट्रो और रेल लाइन के विस्तार का भी प्रस्ताव
एडीएम सिंह ने बताया- 'भूगर्भ जल के संचयन के लिए 300 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) का सरफेस वाटर ग्रिड और मेट्रो का भी प्रस्ताव भी भेजा है। चूंकि पालीटेक्निक, सफेदाबाद से बाराबंकी तक ट्रैफिक का लोड काफी है। इसको देखते हुए मेट्रो उपयोगी है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के दबाव को देखते हुए बाराबंकी में रेलवे लाइन के विकास व सभी नगर पंचायतों में एसटीपी की व्यवस्था का भी प्रस्ताव किया गया है। इसमें 2051 का विजन है। बसों को इलेक्ट्रिक टर्मिनल से भी जोड़ने का भी प्रस्ताव है।
