बाराबंकी : जिले में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले दस शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। अब इनके खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार की देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस इनके स्थायी पते की जांच कर धर पकड़ करेगी।

फतेहपुर में तैनात शिक्षक यातेंद्र कुमार डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा से फर्जी डिग्री व मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की थी। इन्हें पूर्व में बर्खास्त किया जा चुका है। शनिवार को डीएम डॉ. आदर्श सिंह के आदेश पर फतेहपुर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी तरह से ममता टीईटी के फर्जी दस्तावेज के जरिए सतरिख क्षेत्र में नौकरी कर रहीं थी। इनके खिलाफ सतरिख थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। सोभित अवस्थी, अजय प्रताप सिंह टीईटी की फर्जी अभिलेखों के सहारे हैदरगढ़ में सहायक अध्यापक की नौकरी कर रहे थे। इनके खिलाफ सुबेहा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सुरेंद्र नाथ व रजत सिंह भी सुबेहा क्षेत्र में दूसरे के अभिलेखों पर नौकरी कर रहे थे। इनके खिलाफ भी सुबेहा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सहायक अध्यापक अभिषेक त्रिपाठी के खिलाफ हैदरगढ़ कोतवाली में अभियोग पंजीकृत हुआ है। मौसमी सिंह भी डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा से फर्जी मार्कशीट पर नौकरी कर रहीं थी उनके खिलाफ देवा में मुकदमा दर्ज हुआ है। शशिकांत मिश्र के खिलाफ रामनगर और नौनीता यादव के खिलाफ सफदरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

बीएसए बीपी सिंह ने बताया कि पूर्व में इन सभी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। शनिवार डीएम के आदेश पर सभी पर देर रात मुकदमा दर्ज कराया गया है।

Posted By: Jagran

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