बाराबंकी : अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेता ¨सह ने कहा कि सात जनवरी से 17 जनवरी तक क्षय रोगी खोजने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें जिले की 10 फीसद आबादी जिसमें ईंट-भट्ठे, अधिक जनसंख्या घनत्व, कुपोषित बच्चे, पथरकट्ट, नट डेरे, दुर्गम क्षेत्र आदि स्थान चिन्हित किए गए हैं। यहां स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर क्षय रोगियों के लक्षण के बारे में जानकारी देंगे और संभावित क्षय रोगी के बलगम की जांच कराएंगे। क्षय रोग की पुष्टि होने पर 48 घंटे के अंदर उनका उपचार शुरू कराएंगे।

शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में उन्होंने बताया कि इस अभियान में 137 टीमें, 31 सुपरवाइजर, 10 चिकित्सा अधिकारी टीबी लगाए गए हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके वर्मा ने बताया कि सभी निजी चिकित्सकों को अपने सभी क्षय रोगियों की सूचना नि:क्षय पोर्टल, जिला क्षय रोग अधिकारी को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। बताया कि एक अप्रैल 2018 से क्षय रोग का इलाज करा रहे मरीजों को पोषण योजना के तहत उपचार के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से क्षय रोगियों के खातों में उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक क्षय रोगी एवं उनके अभिभावकों को बताया गया है कि पोषण योजना के लाभ के लिए अपना एक बैंक खाता एवं आधार संख्या को कोई प्रमाण संबंधित कर्मचारी को उपलब्ध कराना होगा।

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