बाराबंकी : गुरु पूर्णिमा पर शनिवार को जिले में श्री कोटवाधाम तीर्थ में सतनामी संप्रदाय के आदि प्रवर्तक स्वामी जगजीवन साहेब के मंडप व मंजीठा स्थित नाग देवता मंदिर पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। दोनों स्थानों पर कोरोना के चलते मंदिर के द्वार बंद होने पर श्रद्धालुओं ने मंदिर की चौखट पर ही प्रसाद व दूध चढ़ाया। मान्यता है कि मंजीठा में नाग देवता को भगवान बुद्ध ने मानव कल्याण की दीक्षा दी थी। इसलिए यहां नाग देवता को दूध के साथ चावल चढ़ाया जाता है।

मंजीठा में जिले के अलावा आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु ट्राली-ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से आए। ऐसे में बाराबंकी-हैदरगढ़ मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। श्री कोटवाधाम में भी भक्तों का तांता लगा रहा, लेकिन मंदिर के तीनों कपाट बंद रहे। श्रद्धालुओं ने चौखट पर प्रसाद व अनाज चढ़ाकर माथा टेका। बड़े बाबा के जयकारे गूंजते रहे। यहां लगे जाम को हटवाने के लिए पुलिस ने मुख्य रास्ते से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।

नगर के सरावगी व माल गोदाम स्थित सांई मंदिर में भक्तों माथा टेका। सरावगी मंदिर में सुंदर कांड व भजन संध्या में सभासद मनोज गुप्ता गोविदा, राजेश अरोरा बब्बू, पूर्व एमएलसी हरगोविद सिंह शामिल हुए। ओबरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर भी हवन-पूजन हुआ।

हैदरगढ़ के ठठराही वार्ड में बाबा जयगुरु देव के शिष्य सेवादार विज्ञान मिश्रा ने भजन एवं रामधुन का आयोजन किया। सेवादार राम अकबाल सिंह, ओमप्रकाश कनौजिया, राजाराम दुबे, श्यामलाल मौजूद रहे।

तिपुला नहर के निकट स्थित बाबा प्रेमदास कुटी पर महंत लालता दास के पांव शिष्यों ने धुले और आरती उतारी। ग्वारी स्थित मनकामेश्वर संन्यास आश्रम में स्वामी सनातानंद महराज को शिष्यों ने वस्त्र एवं फल आदि दान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गायत्री शक्ति पीठ पर प्रमुख ट्रस्टी मिथिलेश कुमारी ने हवन-पूजन किया। गायत्री शक्तिपीठ रामसनेहीघाट पर मुख्य ट्रस्टी डा. शिवाकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ और संत कबीर अध्यात्म संस्थान विशाल नगर मूंजापुर में भाजपा विधायक शरद अवस्थी ने पहुंचकर श्रीनिष्ठा साहेब को सम्मानित किया।

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