बाराबंकी : मुख्य विकास अधिकारी ने 12 पीठासीन अधिकारियों पर चुनाव के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। संबंधित नियुक्ति अधिकारियों को पत्र भेजा है। अधिकारियों ने लापरवाह कर्मचारियों से जवाब-तलब करते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद सभी का निलंबन और मुकदमा दर्ज होगा।

मुख्य विकास अधिकारी मेधा रूपम मतदान कार्मिक नोडल अधिकारी हैं। इनकी देखरेख में मतदान कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। शनिवार को हुए प्रशिक्षण में 12 पीठासीन अधिकारियों ने चुनाव का प्रशिक्षण लेना मुनासिब नहीं समझा। प्रशिक्षण से गैरहाजिर कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। यह मुकदमा सीएमओ, बंदोबस्त अधिकारी, जिला निबंधक, अधिशाषी अभियंता, जिला विपणन अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी दर्ज कराएंगे, इससे पहले इन अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों से जवाब-तलब किया है।

ये रहे गैरहाजिर : परियोजना निदेशक डॉ. हरिचरन सिंह ने बताया कि पीठासीन अधिकारी अमिता सिंह, घनश्याम त्रिपाठी, अमर बहादुर सिंह, सरिता द्विवेदी, वीरेंद्र सिंह, अजीज अहमद, संजीव रत्न, सुधांशु, रामतीरथ, राजकुमार तिवारी, अभिषेक श्रीवास्तव मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप