बाराबंकी: कचहरी में वकीलों और वादकारियों के आने के लिए मात्र एक गेट खुलेगा। वहीं, पंजीकृत वकीलों को न्यायालय से नया पहचान कार्ड जारी किया जाएगा। वादकारियों को कचहरी में प्रवेश के लिए आधारकार्ड व मुकदमे संबंधित जानकारी देना अनिवार्य होगा। यही नहीं परिसर में चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। यह सारी व्यवस्थाएं 15 फरवरी से लागू होंगी।

बिजनौर कांड के बाद कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था के ²ष्टिगत दाखिल की गई जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा के लिए आदेश जारी किया है। इसके तहत सोमवार को जिला न्यायाधीश रामअचल यादव के साथ डीएम डॉ. आदर्श सिंह और एसपी डॉ. अरविद चतुर्वेदी ने कचहरी परिसर का जायजा लिया। इस दौरान जिला बार के अध्यक्ष भारत सिंह यादव, महामंत्री सुनीत अवस्थी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमन द्विवेदी आदि भी मौजूद रहे। महामंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट के जारी निर्देशानुसार कचहरी के मुख्य गेट से मात्र न्यायिक अधिकारी व उनके वाहन आएंगे जबकि बस अड्डे की तरफ स्थित गेट से अधिवक्ता व वादकारी दोनों आएंगे। जनेस्मा के समीप लगा गेट बंद ही रहेगा। हालांकि बार को जाने वाले मार्ग को निवेदन पर खुले रखने की बात कही जा रही है। जनेस्मा के गेट से लेकर सुलभ शौचालय तक वाहनों का स्टैंड बनाया जाएगा जिसमें वादकारी अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। जबकि, बस अड्डे वाले गेट के अंदर बनने वाले स्टैंड में मात्र वकीलों के ही वाहन खड़े होंगे। बताया, जिला बार में पंजीकृत सभी वकीलों की सूची के आधार पर नया कार्ड जारी किया जाएगा। इसके अलावा वादकारियों को कचहरी में प्रवेश के लिए अपना आधारकार्ड साथ में लाना होगा। यही नहीं अंदर आने से पहले उसे किस न्यायालय पर कौन सा मुकदमा है? इसका विवरण भी गेट पर दर्ज कराना होगा अन्यथा उसको प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इनसेट-बिजनौर कांड

16 दिसंबर 2019 को बिजनौर जिले की कचहरी में स्थित सीजेएम कोर्ट के अंदर घुसकर कुख्यात अपराधी शहनवाज को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया गया था। इसमें दो पुलिस कर्मियों को भी गोली लगी थी।

Posted By: Jagran

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