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बाराबंकी में दुर्गा पूजा के पंडाल में कोबरा सांप का तमाशा दिखाना पड़ा भारी, काटने से पिता-पुत्र की मौत

Published: Wed, 21 Oct 2026 08:38 PM (IST)

Barabanki News: ग्रामीणों के अनुसार सोमवार रात नौमीलाल बाग से एक जहरीला काला नाग पकड़कर गांव के पास लगे पूजा ...और पढ़ें

महेश रावत (फाइल फोटो), मजीठा मेले में श्रद्धालुओं को नाग के दर्शन कराते सपेरे (फाइल फोटो)  नौमीलाल (फाइल फोटो)

महेश रावत (फाइल फोटो), मजीठा मेले में श्रद्धालुओं को नाग के दर्शन कराते सपेरे (फाइल फोटो) नौमीलाल (फाइल फोटो)

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संवादसूत्र, बाराबंकी : सतरिख थाना क्षेत्र के ग्राम मुनक्कीपुरवा में सांप पकड़ने का शौक पिता-पुत्र की जान पर भारी पड़ गया। पूजा पंडाल में जहरीले कोबरा सांप का तमाशा दिखाते समय पहले बेटे और फिर उसे बचाने आए पिता को कोबरा ने डस लिया।

इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मृतकों के घर से 12 कोबरा सहित 14 सांप बरामद कर जंगल में छोड़ा है। 60 वर्षीय महेश और उनके 26 वर्षीय पुत्र नौमीलाल दिहाड़ी पर ईंट भट्ठे पर काम करते थे और शौकिया तौर पर सांप पकड़ते थे। नौमीलाल दाढ़ी-बाल बढ़ाए सपेरों जैसे वेश में रहता था।

ग्रामीणों के अनुसार सोमवार रात नौमीलाल बाग से एक जहरीला काला नाग पकड़कर गांव के पास लगे पूजा पंडाल में ले आया। भीड़ जुटाकर वह सांप का तमाशा दिखाने लगा। नौमीलाल ने भीड़ के सामने ही कोबरा के दांत तोड़ने का प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान पकड़ ढीली पड़ते ही कोबरा हाथ से फिसला और उसके पैर में डस लिया। भागते सांप को पकड़ने के लिए पिता महेश दौड़ा तो कोबरा ने उसे भी पैर में डस लिया और झाड़ियों में निकल गया।

दोनों को तत्काल जिला चिकित्सालय लाया गया। यहां चिकित्सकों ने नौमीलाल को एंटी स्नेक वेनम की 20 वायल लगाई, लेकिन जहर तेजी से फैल गया। उसकी आंखों की रोशनी चली गई, गला रुंध गया और वह बार-बार सिर पटकने लगा। स्थिति बिगड़ने पर दोनों को ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।

वन क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने टीम के साथ मृतक के घर की तलाशी ली। घर की एक कोठरी में कोबरा प्रजाति के 12 सांप व दो दोमुहा डिब्बों और बोरियों में बंद मिले। टीम ने सभी सांपों को कब्जे में लेकर जंगल में सुरक्षित छोड़ा।

डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि सांपों को पकड़ना और तमाशा दिखाना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह अवैध है। दीपावली के आसपास दोमुंहा सांप और उल्लू को लेकर तंत्र-मंत्र की भ्रांतियां बढ़ जाती हैं, इसलिए जिले में चेकिंग अभियान चलाकर सांप पकड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गांव में दहशत, घर में सन्नाटा

मुनक्कीपुरवा गांव में एक साथ पिता-पुत्र की मौत से दहशत है। ग्रामीण कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को मृतक महेश की विवाहित पुत्री राधा ने बताया कि पिता और भाई ईंट भट्ठे पर काम कर परिवार चलाते थे, कभी-कभार सांप पकड़ लेते थे। अब घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा। 20 वर्षीय अविवाहित बेटी शिखा घर से बाहर नहीं निकली।