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गोंडा जा रहे चंद्रशेखर के काफिले पर बाराबंकी में हुआ पथराव, कई कार्यकर्ता घायल

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:46 AM (IST)

गोंडा जा रहे आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर को बाराबंकी में रोका गया, जिसके बाद उनके काफिले पर पत्थरबाजी हुई और कई कार्यकर्ता घायल हो गए।

पथराव के चलते टूटा गाड़ी का शीशा और पुलिस से बात करते चंद्र शेखर

पथराव के चलते टूटा गाड़ी का शीशा और पुलिस से बात करते चंद्र शेखर

HighLights

  1. सांसद चंद्रशेखर को गोंडा जाने से बाराबंकी में रोका गया।

  2. उनके काफिले पर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल।

  3. विनोद साहनी मामले में सीबीआई जांच की मांग की।

संवाद सूत्र, बाराबंकी। गोंडा जा रहे आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष व नगीना के सांसद चंद्र शेखर को पुलिस ने रोक लिया। रामनगर डाक बंगले पर झड़प हुई। कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की। कुछ कार्यकर्ताओं को चोट आईं। इससे नाराज होकर जिला मुख्यालय आए। यहां नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार ने रोका तो पैदल एसपी कार्यालय पहुंच गए।

एसपी कार्यालय में प्रभारी निरीक्षक को बुलाने पर ही वार्ता की बात पर अड़ गए। बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता नारे बाजी करते रहे। प्रभारी निरीक्षक ने अपना पक्ष रखा तो संतुष्ट हुए। एएसपी दक्षिणी रितेश कुमार सिंह ने उनसे वार्ता की। विनोद साहनी के मामले में कार्रवाई संबंधी राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र दिया। तथा पत्थरबाजी की घटना के संबंध में दो तहरीरें दी।

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दरोगा के इशारे पर पत्थरबाजी की गई: चंद्र शेखर

एक तहरीर अधिवक्ता शनी वर्मा की ओर से दी गई, जिसमें उन्होंने अपने वाहन सहित अपने व सांसद चंद्रशेखर पर जानलेवा हमले की बात कही है। दूसरी तहरीर आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष देशराज ने दी। पत्थरबाजी में कोतवाली देहात गाेंडा के धानीगांव के अवधेश गौतम का सिर फटने, अमर कुमार, नीरज, उपेंद्र, आशीष कुमार, शिवम को चोटें की बात लिखी है। अमित सिंह अंशवंश नामक व्यक्ति को नामजद किया गया है।

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नगीना सांसद ने कहा कि उन्हें मार्ग डायवर्जन का झूठ बोलकर बुढ़वल डाक बंगले ले जाया गया। जहां गोंडा में तैनात दरोगा अभय सिंह के इशारे पर पत्थरबाजी की गई है। विनोद साहनी हमारे भाई थे, दो माह पहले मिले थे। करनैलगंज से चुनाव लड़ना चाहते थे, जिनका राजनीतिक नुकसान हो रहा था, उन्होंने हत्या कराई है। ऐसे में सीबीआई जांच कराई जाए।

आनंद के लिए दरवाजे खुले

बसपा से निष्कासित आनंद के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात भी कही। ऐसे माहौल में विधान सभा चुनाव नहीं हो सकते, जिसमें हत्या पर सांत्वना देने से रोका जाए। उन्होंने स्वजातियों को बचाने का आरोप भी लगाया।

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