22 हजार से अधिक आलू किसानों को मिलेगा भामाशाह योजना का लाभ, होगी नुकसान की भरपाई
बाराबंकी में 22 हजार से अधिक आलू किसानों को भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी। यह योजना ...और पढ़ें

HighLights
22 हजार से अधिक आलू किसानों को लाभ मिलेगा।
आलू की कीमतों में गिरावट से नुकसान की भरपाई।
भंडारण शुल्क पर भी किसानों को अनुदान मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बाराबंकी। जिले के 22 हजार से अधिक आलू उत्पादक किसानों को सरकार योजना से जोड़ने जा रही है। बाजार में आलू की कीमतों में गिरावट से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ के तहत आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। 77 कोल्ड स्टोरेज में करीब साढ़े सात लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। ऐसे में योजना का लाभ बड़ी संख्या में किसानों को मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में आलू का थोक भाव करीब सात से आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार में आलू करीब 20 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर से किसानों की चिंता बढ़ी है। इसी को देखते हुए सरकार ने कोष की स्थापना की है, ताकि बाजार भाव में गिरावट आने पर किसानों को आर्थिक सहारा मिल सके।
बाजार में आलू का भाव गिरने पर किसानों को लागत और बिक्री मूल्य के अंतर अथवा निर्धारित लागत के 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि और अधिकतम 240 क्विंटल आलू पर योजना का लाभ मिलेगा। सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
इसके अलावा निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों को भंडारण शुल्क पर भी अनुदान देने की व्यवस्था है। किसानों को एक रुपये प्रति किलो, अधिकतम 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सहायता मिल सकेगी। एक किसान को इस मद में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का लाभ दिया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी प्रज्ञा उपाध्याय ने बताया कि आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज और आलू बीज का बेहतर मूल्य दिलाने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग योजना संचालित कर रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को (potatoup.horticulture.in) पर आनलाइन आवेदन करना होगा।
