बाराबंकी में दो साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, 50 हजार जुर्माना भी लगा
बाराबंकी में दो वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी अशोक कुमार गोस्वामी को पाक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
दो वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में दोषी को सजा।
पाक्सो कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास और जुर्माना।
फोरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयान बने आधार।
जागरण संवाददाता, बाराबंकी। दो वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पाक्सो एक्ट के अपर सत्र न्यायालय श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फोरेंसिक जांच में बच्ची के कपड़े पर मिले द्रव का मिलान अभियुक्त के रक्त नमूने से हुआ था।
सरकारी अधिवक्ता लव त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता की मां ने छह नवंबर 2023 को कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया गया कि दोपहर करीब एक बजे उसकी करीब दो वर्षीय बेटी घर के पीछे गांव के ही अशोक कुमार गोस्वामी की दुकान पर टाफी और बिस्कुट लेने गई थी। कुछ देर बाद बच्ची रोते हुए घर लौटी। वह अशोक की दुकान की ओर इशारा कर रही थी।
पीड़िता की मां के मुताबिक, बच्ची खून से लथपथ थी। आरोप था कि करीब 65 वर्षीय दुकानदार अशोक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। मां जब दुकान पर पहुंचकर अशोक से पूछताछ करने लगी तो वह घबरा गया और मौका पाकर वहां से भाग गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने पाक्सो अधिनियम और एससी/एसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की विवेचना के दौरान बच्ची के कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में कपड़े पर मिले द्रव का मिलान अभियुक्त के रक्त नमूने से हुआ। अभियोजन की ओर से न्यायालय में चार गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने गवाहों के बयान, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अशोक को दोषी करार दिया।
