विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

विदेशी फलों की खेती से किसानों की आय में चार गुना वृद्धि, देसी माटी में उग रहा ड्रैगन फ्रूट और ताइवान अमरूद

Published: Wed, 02 Sep 2026 04:07 PM (IST)

बाराबंकी के किसान अब विदेशी ऋतु फलों की खेती करके अपनी आय को चार गुना बढ़ा रहे हैं। यहां की ...और पढ़ें

देवा के मोहम्मदपुर में ड्रेंगन फूड दिखाते किसान गया प्रसाद। फाइल फोटो

देवा के मोहम्मदपुर में ड्रेंगन फूड दिखाते किसान गया प्रसाद। फाइल फोटो

HighLights

  1. बाराबंकी में विदेशी फलों की खेती से आय चार गुना बढ़ी।

  2. ड्रैगन फ्रूट, ताइवान अमरूद, फ्रेंच स्ट्रॉबेरी प्रमुख विदेशी फल।

  3. सेवानिवृत्त कर्नल हरिश्चंद्र सिंह कृषि प्रयोगों में अग्रणी।

नरेन्द्र मिश्र, बाराबंकी। देशी माटी में विदेशी लजीज ऋतु फलों के उत्पादन से किसान खेती से नई इबारत लिखने लगे हैं। यहां की जलवायु और खेतों की उर्वर मिट्टी किसानों की प्रयोगधर्मिता से आय बढ़ाने में कारगर हो रही है। परंपरागत फसलों के साथ फलों की नकदी फसलों का रकबा बढ़ रहा है। विदेशी फूलों के बाद अब लजीज फलों के लिए बाराबंकी जाना जाने लगा है।

यहां के खेतों में अब विदेशों में उगाए जाने वाले कई ऋतु फलों के पौधे लहलहा रहे हैं। किसानों ने नई तकनीक और उन्नत किस्म के फलों से बाजार में अच्छी हिस्सेदारी की है।

ऋतु फलों में अमरूद, स्ट्राबेरी, पपीता, तरबूज और खरबूज के बाद अब ड्रैगन फ्रूट जैसे विदेशी फलों की मांग बढ़ती जा रही है। कम लागत में अधिक उत्पादन संग लजीज स्वाद वाले फलों के अच्छे दाम मिलने से किसान विदेशी फलों की खेती से चार गुणा आय की ओर बढ़ रहे हैं।

विदेशी फूलों से फलों तक पहुंचे किसान

करीब दो दशक पहले हालैंड से जरबेरा और ग्लेडियोलस जैसे फूल यहां लाए गए थे। इनकी खेती ने जिले को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में पहचान दिलाई। अब विदेशी फलों में ताइवान की उन्नत किस्म के खरबूज और तरबूज महाराष्ट्र समेत देश भर में भेजे जाते।

ताइवान का अमरूद, रेड लेडी-786 पपीता बहुतायत है। फ्रांस की स्ट्राबेरी और मध्य अमेरिका और मैक्सिको मूल का ड्रैगन फ्रूट, थाईलैंड की एप्पल बेर उत्पादित किया जा रहा है। बेलहरा, फतेहपुर, मसौली, हरख, सिद्धौर और देवा क्षेत्र में विदेशी और उन्नत किस्मों के इन फलों की खेती सबसे अधिक हो रही है।

रिटायर्ड कर्नल ने खेत को बनाया प्रयोगशाला

सिद्धौर के अमसेरूवा गांव में रिटायर्ड कर्नल हरिश्चंद्र सिंह कृषि में प्रयोगधर्मिता की मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने अपने खेत में चिया सीड्स, ड्रैगन फ्रूट, एप्पल बेर, आड़ू, काला गेहूं, काली हल्दी और काला आलू जैसी फसलों को उगाया है। चिया सीड्स की खेती के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2021 को हरिश्चंद्र सिंह को सराहा था।

जिले की माटी विदेशी फल और सब्जियों के लिए अनुकूल है। अमरूद, पपीता, स्ट्राबेरी, एप्पल बेर, काला आलू, काली हल्दी और खरबूज-तरबूज की खेती बढ़ रही है। परंपरागत खेती से उठकर किसान विदेशी फसलों से आय बढ़ा रहे हैं।

-प्रज्ञा उपाध्याय, जिला उद्यान अधिकारी।