लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में हाथरस में दलित युवती के साथ कथित दुष्कर्म के बाद बाराबंकी में इस तरह की घटना से सनसनी फैल गई है। यहां के सतरिख थाना क्षेत्र में धान काटने गई 15 वर्षीया दलित बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हाथरस मामले की जहां सीबीआइ जांच चल रही है, वहीं बाराबंकी के केस में अभी आरोपितों की तलाश जारी है।

बाराबंकी के थाना सतरिख की ग्राम पंचायत सेठमऊ के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की किशोरी की हत्या के मामले में बुधवार देर रात उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। किशोरी की हत्या दुष्कर्म के बाद की गई थी। यहां पर डॉक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी में हुए पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। मुकदमे में पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी है और कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वारदात के बाद गांव में फिलहाल एहतियातन पुलिस बल तैनात है। आइजी अयोध्या डॉ. संजीव गुप्ता ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और परिवारजन के बयान को दर्ज कराया है।

बाराबंकी के प्रभारी एसपी और अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बताया कि पीड़ि‍ता से दरिंदगी के बाद उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। आरएस गौतम ने बताया कि एक व्यक्ति ने बुधवार शाम थाने में शिकायत दी थी कि उसकी पुत्री धान काटने गई थी और देर शाम तक नहीं लौटी। खेत में उसका शव मिला है। आरएस गौतम ने बताया कि अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के साथ दुष्कर्म होने की भी बात सामने आई है। जिसके बाद दुष्कर्म की धारा 376 को बढ़ाया गया है।

डाक्टरों के जिस पैनल ने लड़की का पोस्टमार्टम किया उनका कहना है कि उन्होंने पहली बार इतना विभत्स केस देखा है। डॉक्टरों ने साफ कहा कि दुराचार के दौरान नाक और मुंह दबाने के चलते नाबालिग किशोरी की जान गई। साथ ही किशोरी के निजी अंगों पर भी चोट के काफी गंभीर निशान मिले हैं। लोगों का कहना है कि मौका पर शराब की बोतलें भी मिली थीं। 

पीड़ित   परिवार ने की सीबीआइ जांच की मांग

बाराबंकी में नाबालिग लड़की की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पीडि़त परिवार ने हाथरस केस की तरह ही सीबीआइ जांच की मांग की है। मृत लड़की के पिता ने कहा कि पुलिस ने यहां हमारे ऊपर काफी दबाव बनाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले पुलिस ने उसकी बेटी का गांव में ही अंतिम संस्कार करवा दिया था। उन्होंने कहा कि हमारी बेटी नाबालिग तथा कुंवारी थी, हम उसको दफनाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने दबाव डलवाकर उनकी चिता को आग लगवा दी। इस तरह से हमको पैसा व मकान का लालच दिया गया है। हम लोग बहुत गरीब है, न तो रहने का ठिकाना है और न ही खाने की ठिकाना है। हम लोग तो मेहनत व मजदूरी करने वाले लोग हैं। हमारे पास को काफी बड़े-बड़े अफसर आने लगे तो हम लोग डर गए। हमको पैसा तथा मकान दिलाने का लालच दिया गया है। जब उनसे दुष्कर्म के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कम से कम तीन लोग रहे होंगे। अब पुलिस उनको पकडऩे की जगह पर हमारे घर के लोगों से ही लगातार पूछताछ में लगी है। हमारे भाई के मकान पर भी लगातार पुलिस आ-जा रही है। हमको न्याय मिले, हम बस यही चाहते हैं। पुलिस तो शुरुआत में मामले को दबाने में लगी रहील लेकिन गुरुवार देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद गला दबा कर हत्या करने की पुष्टि हुई। माता-पिता ने कहा कि सिर्फ शव को जलाने के लिए पुलिस हमारी नाबालिग बेटी को बालिग बताने में लगी है। 

क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी बुधवार को बटाई के खेत में धान काटने गई थी। देर शाम उसका शव एक खेत में पड़ा मिला था। बताया जाता है कि किशोरी के हाथ-पैर बंधे थे और कपड़े अस्त-व्यस्त थे। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। गुरुवार को पोस्टमार्टम में किशोरी के साथ दरिंदगी की पुष्टि हुई। वारदात में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट में मुंह दबाने से मौत की पुष्टि हुई है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया। प्रभारी एसपी आरएस गौतम ने बताया कि दुष्कर्म की पुष्टि के बाद धारा बढ़ा दी गई है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

पहुंचे राजनीतिक दल

वारदात को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय रहे। जैदपुर से सपा विधायक गौरव रावत व कांग्रेस नेता तनुज पुनिया समर्थकों के साथ पोस्टमार्टम हाउस और गांव पहुंचे व परिवारजन से बात कर सांत्वना दी। सपा विधायक ने प्रशासन पर पीडि़तों को पोस्टमार्टम हाउस आने से रोकने का आरोप लगाया है। भीम आर्मी के पदाधिकारी भी पीएम हाउस पहुंचे।

नहीं बख्शे जाएंगे दोषी

सांसद उपेंद्र सिंह रावत गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराए जाने का भरोसा दिलाया। कहा, सरकार को बदनाम और अस्थिर करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सांसद ने कहा कि घटनास्थल पर पुलिस प्रशासन पूरी संजीदगी के साथ लगा हुआ है, उम्मीद है जल्द ही वारदात का राजफाश होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने और पीड़ित को न्याय दिलाने को कहा है। 

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