बाराबंकी में अब AI सखियां महिलाओं को बनाएंगी 'इंटेलिजेंट', गांवों की बदलेंगी तस्वीर
बाराबंकी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 'एआई सखी' के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे ...और पढ़ें

अब AI सखियां महिलाओं को बनाएंगी 'इंटेलिजेंट'।
HighLights
ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल क्रांति से जोड़ने की पहल।
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनेंगी 'एआई सखी'।
महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के नए अवसर।
जागरण टीम, बाराबंकी। ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब ‘एआई सखी’ के रूप में तैयार की जाएंगी। इनका उद्देश्य गांवों में महिलाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल प्लेटफार्म के उपयोग की जानकारी देना होगा।
पहले चरण में 180 महिलाओं को एआई की बुनियादी तकनीक, डिजिटल उपकरणों के उपयोग और आनलाइन सेवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये एआई सखियां अन्य महिलाओं को भी आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का काम करेंगी।
यह पहल महिलाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार के नए अवसर और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होगी। उपायुक्त सुनील कौशल ने बताया कि महिलाओं को डिजिटल के बारे में और एआई तकनीक सीखने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एआई के उपयोग से महिलाएं रोजगार में कदम रखेंगी।
सूरतगंज से पहल, 40 महिलाएं ले रहीं प्रशिक्षण
विकास खंड सूरतगंज के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से चिह्नित 40 महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रशिक्षण दिए जाने की पहल चालू हो गई है। दो शिफ्टों में इन्हें प्रशिक्षित किया जाने लगा है।
ब्लाक मिशन प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को एआई की मूलभूत अवधारणाओं, इसके विभिन्न उपयोगों, डिजिटल कार्यों में इसकी भूमिका और स्वरोजगार व आजीविका गतिविधियों में इसके संभावित प्रयोगों की जानकारी दी जा रही है।
सहायक विकास अधिकारी ग्राम विकास विनोद कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और नई तकनीकों से परिचित कराना है।
इससे महिलाएं अपने दैनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित कर सकेंगी। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें डिजिटल दुनिया में उपलब्ध नए अवसरों की भी जानकारी मिलेगी।
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