UP के बाराबंकी जिले में 480 सरकारी एंबुलेंस कहां हैं? स्वास्थ्य विभाग को नहीं पता ठिकाना
स्वास्थ्य विभाग की 480 एंबुलेंस लापता हो गई हैं, जिनकी जानकारी न तो विभाग के पास है और न ही एंबुलेंस प्रभारी को।

परिवहन विभाग ने इन एंबुलेंसों की स्थिति जानने के लिए CMO से जानकारी मांगी
HighLights
स्वास्थ्य विभाग की 480 एंबुलेंस लापता, कोई जानकारी नहीं।
परिवहन विभाग ने सीएमओ से मांगी एंबुलेंस की जानकारी।
बाराबंकी में वर्तमान में केवल 80 एंबुलेंस ही संचालित हैं।
निरंकार जायसवाल, जागरण बाराबंकी। कब लापता हो गईं स्वास्थ्य विभाग की 480 एंबुलेंस, किसी को पता ही नहीं चल पा रहा। यह सभी एंबुलेंस वाहन दस्तावेजों में दर्ज हैं, लेकिन यह कहां हैं इसकी जानकारी न तो विभाग के पास है न ही एंबुलेंस प्रभारी को।
अब परिवहन विभाग एंबुलेंस वाहनों की खोज के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से जानकारी मांगी है। जिससे इतनी बड़ी संख्या के एंबुलेंस वाहनों के पंजीयन को अपडेट किया जा सके। सीएमओ के अधीन करीब 1300 एंबुलेंस पंजीकृत थीं।
इनमें 108 और 102 एंबुलेंस सेवा की गाड़ियां शामिल थीं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित होती थीं। इनमें अनफिट घोषित 818 एंबुलेंस को 2022 विभाग ने कंडम करा दिया। इसके बाद करीब 480 एंबुलेंस वाहनों की संख्या शेष है, जो सभी परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इन एंबुलेंस वाहनों की मौजूदा स्थिति से अनजान है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एंबुलेंस कहां और किस स्थिति में हैं, इस्तेमाल हो रहा या नहीं।
जिले में मात्र 80 एंबुलेंस: एंबुलेंस प्रभारी इमरान ने बताया कि वर्तमान में जिले में कुल 80 एंबुलेंस संचालित हैं। इनमें 102 सेवा की 44 और 108 सेवा की 36 एंबुलेंस शामिल हैं। पुरानी एंबुलेंस किस जिले में हैं, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है।
पर्याप्त हैं एंबुलेंस, अन्य की जानकारी नहीं: मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंजन गौतम का दावा है कि एंबुलेंस के कंडम होने के साथ ही उनके स्थान पर नई एंबुलेंस पंजीकृत होती गईं। ऐसे में विभाग में एंबुलेंस की कोई कमी नहीं है और सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हैं। अन्य पंजीकृत एंबुलेंस के बारे में अनभिज्ञता जताई।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अमिताभ राय ने जानकारी दी कि पुरानी पंजीकृत करीब 480 अनफिट एंबुलेंस की वर्तमान स्थिति जानने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा जाएगा। यह एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग के (अंडर चार्ज) अधीन पंजीकृत हैं। यदि यह एंबुलेंस निष्प्रयोज्य हो चुकी हैं तो इनके पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
