बाराबंकी : क्षेत्र में संक्रामक रोग की चपेट में बारह से अधिक लोग आ गए हैं। इनका इलाज सीएचसी हैदरगढ़ व निकट के निजी चिकित्सालयों में कराया जा रहा है।

हैदरगढ़ कस्बा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, डाकघर, कृषि विज्ञान केंद्र, कोतवाली, उप निबंधक कार्यालय, सीएचसी, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज रनापुर, ब्रम्हनान, नई बस्ती, व रामपाल शर्मा के घर के सामने स्थित तालाब सहित अन्य स्थानों पर एक माह से अधिक समय से बारिश का पानी भरा है। जल निकासी न होने से मच्छरों की भरमार है। यही वजह है कि लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गए हैं। तौफीक 35, अनस 8, उमंग 10, रफीक 40, गुलशन 15, हसीना बानो 60, रईस 25, सिद्दीक 40, शहीद 25, नफीस 20, इशरत जहां 30, अल्तमस डेढ़ वर्ष पुत्र तौफीक, गुलपसा 12 पुत्री तौ़फीस का इलाज सीएसचसी हैदरगढ़ में चल रहा है। वहीं पर सुभाष वार्ड निवासी सोहन 10 पुत्र शाहिद का लखनऊ के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि गंदगी की वजह से क्षेत्र में संक्रमण फैला हुआ है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र राय का कहना है कि जो वर्तमान समय में संक्रामक रोग से पीड़ित मरीज सीएचसी पर भर्ती हुए हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है।

यहां नहीं है चिकित्सक

सुबेहा: नगर पंचायत सुबेहा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो माह से डॉक्टर के न आने से मरीजों को विवश होकर झोलाछाप के पास इलाज कराने को विवश होना पड़ रहा है। पीएचसी में कंपाउंडर प्रदीप के अलावा अन्य कर्मचारियों की तैनाती है। सीएचसी धर्मेंद्र राय का कहना है कि यहां पर डॉ. अतीक अहमद की तैनाती है लेकिन वे हज पर गए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जाएगी।

Posted By: Jagran