जागरण संवाददाता, बांदा: शहर के वीआइपी मुहल्ला आवास विकास में तकरीबन एक सप्ताह पहले अज्ञात वाहन की टक्कर गाय गंभीर रूप से घायल पड़ी है। जिसके बाद से घटना स्थल पड़ी घायल गाय बारिश की मार तो कभी तेज धूप की किरणों से बेहाल है। इतना ही बांदा-कानपुर मार्ग में होने के कारण राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हैरत की बात है कि गाय को लेकर अक्सर ¨हसक रूप में दिखने वाले संगठनों के लोग नदारद नजर आ रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि घायल गाय पर नजर न पड़ी हो, पर घायल अवस्था में पड़ी इस गाय को पशु अस्पताल तक पहुंचाने का सिर दर्द उठाने से सभी बच रहे हैं। मुहल्ले में ही संगठन से ताल्लुक रखने वाले एक वरिष्ठ नेता भी रहते हैं। जिले में गौ-शाला के नाम पर कई जमीनों पर अवैध रूप से जमीन भी कब्जा कर रखी है। पर गाय को गौ-शाला ले जाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों की माने तो गाय की हालत के बारे में संगठन के कई पदाधिकारियों को भी फोन पर सूचना दी पर कोई भी नहीं आया। रात में कहीं कोई बड़ा वाहन गाय को कुचल न दे इस लिए चारों तरफ पत्थर रख दिए हैं। यह हाल कोई नया नहीं है बल्कि सड़कों पर अक्सर ही ऐसी गायें हादसे का शिकार होकर घायल अवस्था में देखी जा सकती हैं, तो कहीं मृत अवस्था में पड़ी होती हैं। जिससे राहगीरों को दुर्गंध के चलते वहां से निकला मुश्किल हो जाता है। विश्व ¨हदू परिषद के प्रांतीय सदस्य अर¨वद्र त्रिपाठी से मामले पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि पशु अस्पताल में गायों को रखते नहीं हैं और गो-शालाओं में बारिश के कारण रास्ता नहीं हैं कि घायल अवस्था में पड़ी गाय को वहां पर पहुंचाया जा सके।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ईश्वर नारायण ¨सह ने इस बाबत बताया कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है। पता लगाया जाएगा। गाय का इलाज कराया जाएगा।

Posted By: Jagran