जागरण संवाददाता, बांदा : चुनाव का पर्व आते ही मतदाता से लोक लुभावने वादों के साथ ही धनराशि देने का सिलसिला शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति और भी बढ़ जाती है जब चुनाव पर्व के साथ ही कोई धार्मिक पर भी हो, तो प्रत्याशियों व उनके समर्थकों को तोहफे देने का बहाना भी मिल जाता है। मगर इस बार ऐसा न हो इसके लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। चुनाव के दौरान ऐसे तोहफों पर रोक के 12 उड़न दस्तों का गठन किया गया है। जो प्रत्याशियों की हर हरकत पर नजर रख सकेंगे। साथ ही अगर कोई प्रत्याशी या उसका समर्थक ऐसा करता पाया गया तो उसे एक वर्ष का कारावास और जुर्माना हो सकता है। आम जनता से भी अपील की गई है कि अगर ऐसी स्थिति आती तो उसकी तत्काल जानकारी कंट्रोल रूम को दें।

जिला निर्वाचन अधिकारी हीरालाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक यदि कोई प्रत्याशी व उसका समर्थक किसी व्यक्ति को किसी तरह की चोट पहुंचाने की धमकी देता है तो भी जेल काटनी होगी। उड़नदस्ते रिश्वत देने व लेने वालों दोनों के खिलाफ मामले दर्ज कराएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से कहा है कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वत लेने से परहेज करें। यदि कोई व्यक्ति किसी रिश्वत की पेशकश करता है या किसी के द्वारा मतदाताओं को डराने-धमकाने के मामलों की जानकारी है तो कंट्रोल रूम में 05192-224460 या टोल फ्री नंबर 1950 पर सूचना दी जा सकती है।

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लंगर व भोज कार्यक्रमों पर भी रहेगी निगाह

निर्वाचन आयोग की धार्मिक संस्थाओं में होने वाले लंगर-भोज के आयोजन, वैवाहिक व अन्य कार्यक्रमों में विशेष निगाह रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि शादी व तेरहवीं आदि के दावत में प्रत्याशी सामान्य आगंतुक की तरह शामिल होगा। यदि कार्यक्रम में वह चुनाव संबंधित कोई जिक्र करता है तो कार्यक्रम में होने वाला व्यय संबंधित प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। ऐसे कार्यक्रमों में प्रत्याशी कोई वित्तीय योगदान नहीं करेगा। मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से यदि किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा किसी प्रकार का टोकेन व उपहार आदि का वितरण किया जाता है तो यह रिश्वत देने की श्रेणी में अपराध माना जाएगा।

Posted By: Jagran

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