जागरण संवाददाता, बांदा : भारत लाई जा रही बांदा से चोरी 10 वीं शताब्दी की योगिनी देवी की मूर्ति की खबर जैसे ही लोहारी गांव के लोगों को हुई। उनके खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। गांव के लोगों ने मंदिर में जाकर देवी की जयकारे लगाए। वहां सफाई भी उन्होंने की है। मंदिर में देवी की मूर्ति स्थापित कराए जाने की ग्रामीण राह तक रहे हैं।

बकरी के सिर वाली बलुआ पत्थर की मूर्ति बांदा जनपद के तिदवारी थाना अंतगर्त लोहारी गांव से 40 वर्ष पहले चोरी होना बताई गई है। योगिनी देवीको तांत्रिक परंपरा की देवी माना जाता है। लंदन में दिसंबर माह में मिली मूर्ति भारतीय उच्चायुक्त को सौंपी गई थी। मूर्ति के भारत लाए जाने को लेकर लोहारी गांव के लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं है। देवी के स्थान में बने छोटे मंदिर में रखे देवी-देवताओं को वह शुरू से पूजते आए हैं। ग्रामीणों ने इसका इतिहास अंग्रेजों के समय का बताया है।

-------------------------------------

- उनके खेत में महामाई मंदिर के नाम से देव स्थान बना है। मूर्ति यदि शासन की ओर से यहां स्थापित कराई जाएगी। तो ग्रामीणों की अस्था का सम्मान होगा। मूर्ति भारत आने को लेकर सभी खुश हैं। यहां शासन की ओर से ग्रामीणों के सहयोग के साथ मंदिर का निर्माण भी कराया जाए।

-दिवाकर सिंह पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य

--------------------------------------------

- गांव की मूर्ति मिली है। इससे क्षेत्रवासियों को अब मां का अर्शीवाद मिलेगा। अंग्रेजों के जमाने की मूर्ति है। जिसे उनके पूर्वज पूजते हैं।

- वृद्ध किसान जयराम - मूर्ति को गांव लाया जाना चाहिए। जहां से मूर्ति चोरी हुई है। यदि वहीं स्थापित कराई जाएगी तो देवी माता की लोगों पर कृपा बरसेगी। उन्हें उनके स्थान में स्थापित कराया जाए। हम सभी की देवी पर आस्था है। सभी लोग हमेशा मंदिर में माथा टेकते हैं।

- रामजियावन

Edited By: Jagran