जागरण संवाददाता, चित्रकूट : बालाजी मंदिर के महंत की हत्या में तीन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दो को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। जबकि महंत के शव का अंतिम संस्कार कौशांबी जनपद के उनके पैतृक गांव में कर दिया गया है। हत्या की रिपोर्ट महंत के घायल सेवक ने लिखाई है जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

महंत अर्जुनदास की गुरुवार की रात करीब पौने नौ बजे बालाजी मंदिर से दो सौ मीटर दूर पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। जब 36 वर्षीय महंत बाइक से अपने 20 वर्षीय चेला आशीषदास के साथ मंदिर जा रहे थे तो बदमाशों ने रास्ते में रोक कर गोली मार दी थी। सिर में गोली लगने से महंत की मौत हो गई थी और आशीष हाथ में गोली लगने के कारण घायल है। आशीष की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि आशीष की तहरीर पर मंगलदास व राजू मिश्रा निवासी निवासी गोकुलपुर जिला कौशांबी व आलोक पांडेय निवासी बहराइच और दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। महंती का है विवाद

अर्जुनदास और मंगलदास में महंती का विवाद है। पांच साल पहले बालाजी मंदिर के महंत नारायणदास (नेपाली) ने मंगलदास का उत्तराधिकारी व अर्जुनदास को महंत बनाया था। उनको मौत के बाद दोनों में महंती को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कोर्ट में है। ऐसा माना जाता है कि हत्या का कारण यही है। आलोक ने महंत को किया था फोन

घटना में नामजद आलोक के साथ महंत अर्जुनदास के पास फोन किया था। बताते है कि आशीष और आलोक को महंत अर्जुनदास ने कंठी कर अपना चेला बनाया था। चेला आलोक ने घटना के चार घंटा पहले महंत के पास फोन किया था। उसके बुलावे पर महंत अर्जुनदास बाइक से आशीष के साथ संतोषी अखाड़ा गए थे जहां पर आलोक रहता है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस