जागरण संवाददाता,बांदा: एसीजेएम द्वितीय की अदालत ने विद्युत दुघर्टना के एक मामले में अदालत में उपस्थित न होने पर एडीओ विद्युत को जेल भेज दिया। देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के बरगहनी निवासी वंशगोपाल पुत्र राम दयाल ने 27 जनवरी 2009 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भतीजा अखिलेश पुत्र चंद्रपाल शाम 4 बजे शौच के लिए नहर की पटरी से होते हुए तालाब के पास राजबहादुर की खेत की मेड़ में गया था। इसी बीच 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन टूटकर गिर गई थी। अखिलेश लाइन की चपेट में आ जाने के कारण बुरी तरह से झुलस गया था। परिवार के लोगों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना के पश्चात तत्कालीन उप खंड अधिकारी प्रेम चंद्र, अवर अभियंता फेरूलाल उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन विद्युत के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। जिस पर अदालत ने दोनो आरोपियों को जरिए सम्मन कोर्ट में तलब किया। लेकिन दोनो आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। जिस पर कोर्ट ने आरोपियों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद भी आरोपी दो तारीखों में कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। मामले की जानकारी होने पर मौजूदा समय में तैनात उपखंड अधिकारी लखनऊ प्रेमचंद्र ने उच्च न्यायालय की शरण ली। लेकिन उच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली। जिस पर वह मंगलवार को कोर्ट में उपस्थित हुए। अंतरिम जमानत किए जाने की याचना की। जिस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. सुरेश कुमार ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 22 फरवरी नियत की और एसडीओ को जेल भेज दिया।

Posted By: Jagran

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