मंडल की सभी ग्राम पंचायतों में नौनिहालों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग

जागरण संवाददाता, बांदा : मंडलायुक्त ने ग्राम पंचायत मगरौल में रात विश्राम किया और सुबह भ्रमण कर देखा तो एक घर में बच्चे निश्शुल्क कोचिंग पढ़ते मिले। कक्षा चार के बच्चे ने उन्हें बिना रुके 29 का पहाड़ा सुनाया तो वह दंग रह गए। उन्होंने मंडल के चारों सीडीओ को सभी ग्राम पंचायतों में मुफ्त कोचिंग चलाने के निर्देश दिए हैं। पंचायत भवनों में सुबह-शाम कक्षाएं लगेंगी और गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक व पढ़े लिखे नौजवान उन्हें कोचिंग देंगे।

मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने नई पहल की है। वह मंडल के चारों जनपदों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में रात गुजार रहे हैं। यहां चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनने के साथ उनके बीच घुल-मिल रहे हैं। गुरुवार को रात में वह ग्राम पंचायत मगरौल में रुके। यहां उन्हें कई नई चीजें देखने को मिली। भ्रमण के समय रास्ते में एक बच्चा मिला जो कोचिंग पढ़ने जा रहा था। कक्षा चार के बच्चे ने मंडलायुक्त को 29 का पहाड़ा खटाखट सुना तो वह दंग रह गए। गांव में शिक्षा का बहुत अच्छा माहौल मिला। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कई युवा व सेवानिवृत्त शिक्षक बच्चों को मुफ्त कोचिंग देते हैं। मंडलायुक्त ने यहीं से निश्चित किया कि चारों जनपदों की सभी ग्राम पंचायतों में ऐसी कोचिंग चलेंगी। उन्होंने चारों जिलों के सीडीओ को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान सचिवालय या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोचिंग के लिए जगह चिह्नित करेंगे। गांव के उच्च शिक्षित युवा या सेवानिवृत्त शिक्षक से ग्राम प्रधान मुफ्त कोचिंग पढ़ाने का अनुरोध करेंगे। कोचिंग के जरिए गांव में प्राथमिक शिक्षा का स्तर मजबूत होगा। सीडीओ ग्राम प्रधान के साथ जूम मीटिंग करें। निश्शुल्क कोचिंग ग्राम पंचायतों में चलाने के लिए खुद मानीटरिंग करें। इस समय विद्यालय बंद चल रहे हैं। ऐसे में बच्चे अच्छी तैयारी कर सकेंगे।

सीडीओ करेंगे साप्ताहिक समीक्षा

मंडलायुक्त ने कहा कि सीडीओ नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। ये सप्ताह में जूम मीटिंग कर निश्शुल्क कोचिंग की समीक्षा करेंगे। इसमें बीडीओ, एसडीएम, ग्राम प्रधान, सचिव, पंचायत सहायक भी जुड़ेंगे। हर सोमवार को सीडीओ मंडलायुक्त को निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट भेजेंगे।

Edited By: Jagran