बांदा, जागरण संवाददाता। बेटी की चिंता पिता को सबसे ज्यादा रहती है, कहते हैं कि पिता को बेटे से कहीं ज्यादा बेटी से प्यार होता है। वह उस बेटी की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है लेकिन जब बड़े ही नाज और लाड़ से पाली गई बेटी ही इज्जत दांव पर लगा दे तो खोमाशी के सिवा कुछ नहीं बचता है।

ऐसा ही एक मामला बांदा में सामने आया है, जहां रविवार को शादी के मंगलगीत की गूंजने थे वहां मंडप में खामोशी छाई हुई है। एक पिता ने लाडली बेटी का रिश्ता तय किया और दूल्हे का तिलक चढ़ाने गए लेकिन जब लौटे तो घर पर बेटी नहीं थी। 

कालिंजर के एक मोहल्ला में रहने वाले किसान ने बड़े नाज से पाली अपनी लाडली बेटी की शादी तय की थी। घर पर शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और रविवार को बरात आनी थी। अब बरात के स्वागत की जगह मंडप में खामोशी छाई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी तय होने पर 20 नवंबर को वह नाते-रिश्तेदारों के साथ दूल्हे के घर तिलक चढ़ाने गए थे।

तिलक चढ़ाकर लौटे तो पत्नी ने बताया कि बिटिया दोपहर 12 बजे बाजार जाने की बात कहकर गई है लेकिन लौटकर नहीं आई है। 27 नवंबर को बरात आने की वजह से चिंता बढ़ गई और उसकी हर जगह तलाश शुरू की। इस दौरान पता चला कि चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र के छुलहापुरवा निवासी एक रिश्तेदार युवक बेटी को ले गया है। 

कालिंजर प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार प्रजापति ने बताया कि तहरीर के आधार युवक के खिलाफ बहलाफुसला कर युवती का अपहरण करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। वहीं ग्रामीणों में युवती व युवक के बीच प्रेम प्रसंग की चर्चा बनी हुई है।

Edited By: Abhishek Agnihotri

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट