जागरण संवाददाता, बांदा : दो दिवसीय पुलिस भर्ती आफ लाइन लिखित परीक्षा के आखिरी दिन सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रही। दोनों पालियों में कुल 74 सौ अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि पूरे एक हजार अभ्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। सीसीटीवी कैमरों व भारी पुलिस बल की निगरानी के साथ मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली गई। परीक्षा को लेकर केंद्र व प्रमुख स्थानों में पुलिस की खास चौकसी रही। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी केंद्रों का खुद निरीक्षण करते रहे।

पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से कांस्टेबिल नागरिक व कांस्टेबिल पीएसी वर्ष 2018 के पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिखित परीक्षा सोमवार से शुरू कराई गई थी। मंगलवार को परीक्षा का आखिरी दिन रहा। जनपद के पांच केंद्रों आदर्श बजरंग इंटर कालेज, एकलव्य पीजी महाविद्यालय दुरेड़ी, जेएन कालेज व सरस्वती विद्या मंदिर व फातमा ग‌र्ल्स इंटर कालेज खुटला में सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे की पहली पाली के लिए गेट पर सघन तलाशी के साथ अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा शुरू होने के काफी पहले से केंद्रों में लंबी लाइने लगी रहीं। दोनों पाली में 42 सौ-42 सौ अभ्यर्थी जहां पंजीकृत थे वहीं पहली पाली में 3682 ही अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। 518 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। इसी तरह दूसरी पाली के लिए दोपहर एक बजे से केंद्रों में लाइने लगवाकर प्रवेश देना शुरू किया गया। दूसरी पाली में 482 लोगों ने परीक्षा छोड़ दी। कुल 3718 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। इससे दोनों पाली को मिलाकर पूरे एक हजार अभ्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा केंद्रों के अंदर भी पूर्ण शांति का माहौल बना रहा। केंद्रों में लगे सीओ व निरीक्षकों ने माइकों से व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त रखा। केंद्रों के 100 मीटर की परिधि में किसी को भी फटकने नहीं दिया गया। एसपी शालिनी, एडीएम गंगाराम, अपर एसपी लाल भरत कुमार पाल आदि ने केंद्रों के बाहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा में लगे कर्मियों को किसी तरह की लापरवाही न करने के कड़े निर्देश दिए। गुलाबी गैंग कमांडर का शामिल रहा प्रश्न

बांदा : पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा में खास बात यह रही की बांदा जनपद के अतर्रा तहसील क्षेत्र की रहने वाली गुलाबी गैंग कमांडर का भी प्रश्न शामिल रहा। दो नंबर के बहु विकल्पीय प्रश्न में महिला संगठन की प्रमुख संपत पाल का नाम पूछा गया। जिनका जीके मजबूत था उन्होंने गैर जनपद का होने के बावजूद सही उत्तर का चयन किया। जनपद के जिस किसी ने भी गुलाबी गैंग कमांडर के प्रश्न के बारे में सुना उसके मुंह यही निकला की वास्तव में यह अपने आप में बड़ी बात है। महिलाओं के हित के लिए संपत पाल की ओर से उठाई गई आवाज उप्र. व मप्र. दोनों जगहों पर सुर्खियों में है। जिसके चलते पुलिस की लिखित परीक्षा में भी उनका प्रश्न शामिल किया गया है। वाहनों व मोबाइलों की हुई जांच

बांदा : उच्च अधिकारियों के निर्देश पर परीक्षा केंद्रों से निर्धारित दूरी पर खड़े वाहनों की पुलिस ने बारीकी से जांच की। वाहनों की हुई चे¨कग, मोबाइल देखे

बांदा : उच्च अधिकारियों के निर्देशों को लेकर परीक्षा कक्ष में प्रश्न पत्र बंटने के पहले केंद्रों से काफी दूरी पर खड़े चौपहिया व दो पहिया वाहनों की पुलिस ने बारीकी से जांच की। वहां मौजूद अभिभावकों व अन्य लोगों के मोबाइलों को भी चेक किया गया। जिससे किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे। टोकन नंबर देकर जमा किया गया सामान

बांदा : अभ्यर्थियों का सामान सुरक्षित रखवाने के लिए हर केंद्र में अलग व्यवस्था रही। टोकन नंबर देकर बैग व मोबाइल आदि को केंद्र के बाहर जमा कराया गया। बेल्ट व जूते आदि तक बाहर उतरा दिए गए। इससे कई अभ्यर्थी बिना चप्पल व जूते पहने केंद्र के अंदर प्रवेश किए। छाया ढुढ़ते रहे अभ्यर्थी, दो को आया गश

बांदा : तेज गर्मी व धूप से बचने के लिए केंद्रों के आसपास अभ्यर्थी व उनके साथ आए अभिभावक पेड़ों की छाया खोजते रहे। जिसको जहां जगह मिली वहीं पर उसने विश्राम किया। इसके पहले रात उन्होंने रेलवे प्लेटफार्म व बस अड्डे के बाहर बिताई। कई ने फुटपाथ किनारे दुकानों की पटियों में नींद पूरी की। विद्या मंदिर केंद्र के बाहर लाइन में लगी दो महिला अभ्यर्थियों को चक्कर आ गया।

Posted By: Jagran

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