जागरण संवाददाता, बांदा : मानसून से पहले जून का महीना प्रचंड धूप से तप रहा है। उमस भरी गर्मी है कि थमने का नाम नहीं ले रही। धूप और उमस के मिले-जुले असर से लोग बेहाल हैं। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी व आंधी से मौसम में कुछ समय के लिए भले ही राहत मिल जाए लेकिन गर्मी का प्रकोप इतना तेज है कि बूंदाबांदी भी काम नहीं आ रही।

जून का पहला पखवारा बीतने को है। लेकिन उमसभरी गर्मी से लोग पसीना-पसीना है। आमतौर पर यहां मध्यजून के बाद ही मानसून सक्रिय होता है। प्रचंड गर्मी से जूझ रहे लोगों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप निकली। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं के साथ मौसम और तल्ख हो गया। दिन में अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक जा पहुंचा। जिससे दोपहर में ज्यादातर राहगीर धूप से बचाव के लिए छाता, गमछा व तौलिया का सहारा लेकर निकले। बीच में बादलों के आने-जाने से धूप और छांव के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। फिर भी गर्मी कम नहीं हुई। एकबार तो ऐसा लगा कि शायद बारिश हो जाए लेकिन जैसे ही आसमान साफ हुआ तेज धूप खिल उठी। लोगों का कहना है कि पिछले काफी दिनों से उमसभरी गर्मी का प्रकोप चल रहा है। ऐसे में सभी को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। मानसून का आगाज होने के साथ तेज बारिश हो जाए तो कम से कम गर्मी से राहत मिले।

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