जागरण संवाददाता, बांदा : डीजल के दाम बढ़ जाने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने पांच फीसद मालभाड़ा बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इससे बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थो के दाम में इजाफा होगा। ऐसा हुआ तो महंगाई का ये बोझ सीधा आम आदमी पर पड़ेगा।

डीजल के दामों में हुई वृद्धि का असर माल भाड़े पर पड़ चुका है। धीरे-धीरे अब असका असर फल-सब्जी से लेकर दाल, चावल, आटा, मैदा सहित अन्य खाद्य पदार्थो पर दिखने लगा है। हाल ही में गेहूं से निर्मित वस्तुओं के दाम में आंशिक वृद्धि हुई थी। अब ट्रांसपोर्ट भाड़े में वृद्धि के बाद महंगाई की आशंका और बढ़ गई है। इन दिनों टमाटर और अदरक बंगलुरू, फल और पत्ता गोभी नासिक, बैगन आगरा से आ रहा है। माल ढुलाई में वृद्धि के कारण इन सब्जियों व फलों के दामों में महंगाई की मार पड़ना स्वभाविक है।

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हरी सब्जी से लेकर जो भी सब्जियां आ रही हैं, वह बाहर से आती हैं। डीजल के कारण भाड़े में वृद्धि से सब्जियों के दामों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

फारूख, थोक सब्जी विक्रेता

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भाड़े में पांच फीसद का इजाफा होने के कारण गेहूं से निर्मित चीजें जैसे आटा से लेकर मैदा, सूजी, दलिया के साथ दलहन-तिलहन की फसलों पर महंगाई का असर रहेगा।

-राजेश, थोक विक्रेता किराना

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खाद्यान्न 15 दिन पहले अब

गेहूं 1750 1850

आटा 2050-2100 2200-2250

मैदा 2300 2350

सूजी 2400 2450

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दलहन के रेट

अरहर की दाल 5700 से 6000

चना की दाल 4500 से 4600

मटर की दाल 4000 से 4200

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महंगाई के कारण आम आदमी पूरी तरह से परेशान है, और सरकार जनता का कष्ट समझ नहीं रही है।

- राजन चंदेल

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डीजल से लेकर पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।

- अमित द्विवेदी

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महंगाई के कारण आम आदमी परेशान है, इससे कैसे निजात मिलेगी समझ में नहीं आ रहा है।

- प्रदीप त्रिपाठी

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सरकार हर कदम पर फेल साबित हो रही है। महंगाई मुद्दा बनाकर सत्ता में आने वाले भी जनता को महंगाई की मार से नहीं बचा पा रहे हैं।

-डा. ऋतुराज ¨सह गौतम

Posted By: Jagran