बांदा, जागरण संवाददाता। बबेरू के औगासी रोड पर चल रहे झोलाछाप द्वारा संचालित अवैध नर्सिंग होम को सीज कर दिया गया। राज्य महिला आयोग के निर्देश पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो वहां करीब 15 मरीज भर्ती मिले। पूछताछ में पता चला कि कोई गंगासागर नामक व्यक्ति इलाज करता है।  बबेरू चिकित्सकाधीक्षक ऋषिकेश पटेल ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन अवैध नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा था, जिसे सीज किया गया है।

राज्य महिला आयोग से की थी शिकायत

ग्राम समगरा निवासी राममिलन की 25 वर्षीय पत्नी सावित्री चार माह की गर्भवती थी। पेट में दर्द होने पर बबेरू कस्बे के औगासी रोड स्थित एकता नर्सिंग होम में दिखाने गई थी। मौजूद कथित चिकित्सक बताने वाले गंगासागर ने इलाज किया और इंजेक्शन लगाया था। जिससे बेहोश हो गई थी और भ्रूण गिर गया था। बाद में सावित्री को बांदा में भर्ती कराया गया। राममिलन ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों सहित राज्य महिला आयोग को पत्र भेज की थी।

राज्य महिला आयोग के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज कौशिक, सीएचसी बबेरू अधीक्षक ऋषिकेश सिंह पटेल व जिला मुख्यालय के लिपिक अशोक वर्मा व वरुण के साथ जांच की गई। नर्सिंग होम का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और मौके पर कोई चिकित्सक भी नहीं मिला। पता चला कि झोलाछाप लंबे समय से नर्सिंग होम चला रहा था, जिसे सीज कर दिया गया।

Edited By: Ekantar Gupta

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