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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिमागी बुखार से अधेड़ की मौत, कई भर्ती

By JagranEdited By:
Published: Wed, 18 Jul 2018 10:33 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बांदा : जनपद में वायरल फीवर के साथ दिमागी बुखार भी अपनी जड़े जमा रहा है।

दिमागी बुखार से अधेड़ की मौत, कई भर्ती
दिमागी बुखार से अधेड़ की मौत, कई भर्ती

जागरण संवाददाता, बांदा : जनपद में वायरल फीवर के साथ दिमागी बुखार भी अपनी जड़े जमा रहा है। दिमागी बुखार एक के बाद एक लोगों की ¨जदगी छीन रहा है। बीमारी की चपेट में आया अधेड़ भी काल का निवाला बन गया। इससे माह भर में यह बुखार से चौथी मौत होना सामने आया है। वहीं वायरल फीवर के दर्जन भर मरीज जिला अस्पताल में और भर्ती कराए गए हैं।

जुलाई माह के दूसरे पखवारे में रुक-रुक हो रही बारिश व उमस भरी गर्मी संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे रही हैं। आलम यह है कि डायरिया व बुखार के मरीजों की अस्पतालों में रोजाना भीड़ रहती है। इसमें दिमागी बुखार के मरीज भी जांच में निकल रहे हैं। अस्पताल में भर्ती एक मरीज ठीक होकर घर नहीं जाने पाता दो और मरीज अस्पताल की चौखट पर दस्तक दे देते हैं। इसी क्रम में मटौंध थाना क्षेत्र के ग्राम बनियाखोड़ निवासी ओम 15 पुत्र दिनेश को भी कई दिनों से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे 16 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उपचार के दौरान बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच में उसे दिमागी बुखार से पीड़ित होना बताया था। इसके अलावा वायरल फीवर से पीड़ित मनीष 20 मुहल्ला मर्दननाका, पूजा 18 ग्राम अछरौड़, सुशील़ 15 ग्राम जारी, शौर्य 4 मुहल्ला जरैली कोठी, निहारिका 13 ग्राम कुल्कुम्हारी, जगदेव 63 मुहल्ला कैलाशपुरी, लवलेश 18 अतर्रा, राममूर्ति 28 ग्राम परेई, सरोजा 20 ग्राम नेवादा आदि एक दर्जन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ लग रही है। वहां भी गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। बताते चले कि तीन दिन पहले भी दिमागी बुखार से एक किशारी ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसके पहले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बालक समेत दो लोगों की मौत हो गई थी।

- संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए हर ब्लाक स्तर में टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा बीमारियों की सूचना के लिए कंट्रोल रूम कार्यालय में खोला गया है। नालियों में मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है।

- संतोष कुमार सीएमओ दिमागी बुखार के लक्षण

- तेज बुखार होने के साथ शरीर में दर्ज होना।

- झटके आने के साथ सिर में तकलीफ होना।

- बुखार होने पर नींद ज्यादा आना।

- शरीर में कमजोरी होने के साथ चक्कर आना।

- कई दिन तक बुखार होने पर मानसिक संतुलन पर असर पड़ना।

बचाव के उपाय

- मच्छरों के काटने से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

- घर व अन्य रहने की जगह सफाई का विशेष ख्याल रखें।

- बाजार के तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा न करें।

- कूलर, खाली बर्तनों, गमलों आदि में पानी न जमा होने दें।

- गंदा पानी पीने से बचें, स्वच्छ पानी का सेवन करें।