यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमागी बुखार से बालिका की मौत
जागरण संवाददाता, चित्रकूट : दिमागी बुखार की चपेट में आकर कई दिन से बीमार बालिका की सोम

जागरण संवाददाता, चित्रकूट : दिमागी बुखार की चपेट में आकर कई दिन से बीमार बालिका की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उसको मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले कई दिन तक परिजन निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराते रहे।
मानिकपुर क्षेत्र के रानीपुर कल्याणगढ़ निवासी चंद्रिका कुशवाहा की पुत्री मनोरमा (10) कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजन उसका इलाज गांव में किसी झोला छाप से कराते रहे। कई दिन तक उपचार के बाद भी सुधार न होने पर उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार किया गया लेकिन हालत नहीं सुधरी। इस पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सोमवार को यहां पर इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। डा. पीडी चौधरी ने बताया कि बच्ची को लेकर परिजन पहले आ जाते तो शायद मौत नहीं होती। वह दिमागी बुखार से पीड़ित थी। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण दिक्कत हुई। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी तरह की बीमारी पर जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों से परामर्श लें। झोलाछाप से कतई परामर्श न लें। इससे बुखार जानलेवा हो सकता है।
