जागरण संवाददाता, बांदा :

केंद्र सरकार की सम्मान निधि से वंचित जिले के 35 हजार किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें बैंकों और जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम से रिजेक्ट उनके डाटा को अब ब्लॉकों में कैंप लगाकर दुरुस्त किया जाएगा। कृषि विभाग ने राजकीय बीज केंद्र प्रभारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है।

केंद्र सरकार किसानों को खाद-बीज खरीद में राहत देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित कर रही है। पहले इसमें लघु-सीमांत किसानों को ही शामिल किया गया था, लेकिन अब सभी वर्ग के किसानों को लाभ दिया जा रहा है। जिले में कुल 209868 लघु, सीमांत व वृहद किसान हैं। इनमें 1,65,616 किसानों को सम्मान निधि उनके खाते में भेजी जा रही है। पात्रता के बावजूद 35 हजार किसान इस सम्मान से वंचित हैं। कई किसानों का पैसा दूसरे के खातों में जा रहा है तो कई डाटा में त्रुटि के चलते योजना का लाभ नहीं पा रहे हैं। शासन ने ऐसे किसानों की समस्या का समाधान उनके ही ब्लाक में करने का इंतजाम कर दिया हैं। प्रत्येक ब्लाक में खुले राजकीय बीज भंडार में प्रभारी की अगुवाई में दो कर्मचारियों को लगाया गया है। ये कर्मचारी एक सप्ताह तक सभी की समस्याओं को सुनेंगे और उसकी त्रुटियों को दूर कराएंगे।

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ये दस्तावेज लाने होंगे :

किसानों को त्रुटियां दुरुस्त कराने के लिए राजकीय बीज भंडार प्रभारी को उप निदेशक कृषि के नाम प्रार्थनापत्र देना होगा। बैंक पासबुक और आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी होगी। कर्मचारी तीन दिन के अंदर यह खामियां दुरुस्त कर शासन को रिपोर्ट भेज देंगे। इसके बाद खाते में निधि आने लगेगी।

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पीएम सम्मान निधि पर एक नजर :

कुल किसान : 209868

निधि दी जा रही : 165616

वंचित किसान : 35000

दुरुस्त किए डाटा : 4000

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-जिन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह अपने ब्लाक में जाएं और कागजात के साथ आवेदन दें। त्रुटियां तत्काल दुरुस्त होंगी। पंजीयन की तिथि से उन्हें पूरी किस्तें भेजी जाएंगी।

-डॉ.प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बांदा

Posted By: Jagran

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