जागरण संवाददाता, बांदा : चिल्ला कस्बे में संगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बगल से 80 वर्ष पुराना करीब दो बीघे का तालाब था। लेकिन दबंगों ने तालाब को पाटकर बराबर कर दिया। समाजसेवी की शिकायत पर डीएम व जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अवैध कब्जा हटाकर तालाब पूर्ववत खुदवाने के निर्देश दिए, लेकिन तीन माह बीत गए आधी खुदाई के बाद तालाब में फावड़े नहीं चले।

चिल्ला के समाजसेवी वीरेंद्र शुक्ला प्राचीन तालाब मिटने से काफी आहत हैं। उन्होंने इस तालाब को बचाने के लिए मुहिम छेड़ी। सभी जगह भाग दौड़ की, लेकिन दबंग भारी पड़े। चिल्ला कस्बे का अति प्राचीन तालाब पहले 18700 वर्ग फीट में फैला था। इसकी गहराई 20 फीट रही है। इस तालाब में मोहल्लेवासी स्नान करते थे। करीब दो साल पहले कुछ लोगों ने इसे पाटकर बराबर कर लिया। तालाब के अंदर कई मकान खड़े हो गए। जिला पंचायत के इस तालाब को बचाने के लिए वीरेंद्र ने डीएम के यहां अर्जी दी। मार्च माह में उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश दिए। अपर मुख्य अधिकारी ने पैलानी एसडीएम को तालाब को पूर्ववत खुदवाने का अनुरोध किया। इस पर अमल हुआ। कुछ तालाब की खुदाई भी हुई। लेकिन भूमाफिया के रसूख के सामने फिर फावड़े थम गए। मार्च माह से इस पर काम नहीं हुआ। वीरेंद्र शुक्ला ने फिर डीएम को अर्जी दी है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण तालाब को खुदवाने व जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। कहा कि एक तरफ डीएम तालाब पूजन कर उन्हें पुनर्जीवित करने में लगे हैं तो दूसरी तरफ तालाबों को खुलेआम मिटाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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