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गेहूं के दामों में 75 रुपए का उछाल, देखें अब मंडियों में कितना पहुंचा प्रति क्विंटल भाव

Published: Sun, 30 Aug 2026 02:34 PM (IST)Updated: Sun, 30 Aug 2026 02:37 PM (IST)

बांदा में गेहूं के दाम 75 रुपये बढ़कर 2625 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. गेहूं का भाव 75 रुपये बढ़कर 2625 रुपये प्रति क्विंटल हुआ।

  2. सरकारी खरीद बंद होने के बाद गेहूं के दाम बढ़ते हैं।

  3. बारिश से सब्जियों के दाम बढ़े, प्याज 50-55 रुपये किलो।

जागरण संवाददाता, बांदा। शहर समेत बबेरू, नरैनी व अतर्रा मंडियों में इस समय गेहूं के दामों में 75 रुपये उछाल आया है। बीते दिनों तक गेहूं के दाम 2550 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो कि इस समय 2625 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। हालांकि जानकारों के मुताबिक हर साल सरकारी खरीद बंद होने के एक दो माह बाद गेहूं के दाम बढ़ने लगते हैं।

बीते वर्ष गेहूं के भाव 2810 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। गेहूं का भाव बढ़ने से जिन किसानों ने अपनी गेहूं की उपज सरकारी केंद्रों में नहीं बेच पाए हैं, उनको फायदा होगा। हालांकि ज्यादातर किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। वहीं दूसरी ओर गेहूं के दाम बढ़ने से गल्ला व्यापारियों व आढ़तियों को फायदा होगा।

दरअसल सरकारी खरीद के समय बाजार के आढ़तियों व गल्ला व्यापारियों को गेहूं खरीदने पर रोक रही। साथ ही उस समय मंडी में गेहूं का भाव 2550 रुपये रहा। जबकि सरकारी केंद्रों में गेहूं का भाव 2585 रुपये रहा। सरकारी केंद्रों में 35 रुपये प्रति क्विंटल भाव अधिक होने से ज्यादातर किसान अपनी उपज सरकारी केंद्रों में ही बेच दिए।

सरकारी केंद्रों में 15 जून के बाद खरीद बंद हो गई। भाव बढ़ने से कुछ किसान अपनी उपज को अब आढ़तियों व बाजार में बेचेंगे, जिससे उन्हें फायदा होगा। मंडी स्थित गेहूं व्यापारी रामदयाल बताते हैं कि यदि हमें गेहूं खरीदना होगा तो बनी सी बात है कि सरकारी भाव से अधिक रेट करने होंगे। हर साल सरकारी गेहूं खरीद बंद होने के बाद गेहूं के दाम बढ़ते हैं। जिससे कुछ किसान अपनी गेहूं की उपज रोक लेते हैं अब दाम बढ़ने के बाद वह बेच सकेंगे।

वर्षा ने बढ़ाए सब्जी के दाम

बीते कई दिनों से जिले में रह-रहकर अच्छी बारिश हो रही है। टमाटर समेत कई सब्जियां सड़ रही हैं। साथ ही वर्षा काल में इस समय शहर की मंडी तक जाने आने भी समस्या हो रही है। लिहाजा सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। शनिवार को प्याज के भाव बढ़ने से इसकी खुदरा बिक्री 50 से 55 रुपये के बीच रही जबकि थोक में प्याज चार हजार रुपये के पार चला गया।

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वहीं 20 से 25 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर अब 40 रुपये किलो बिक रहा है। भिंडी 60 रुपये, परवल 80 रुपये, लौकी 40 रुपये किलाे, तरोई व करेला 60 रुपये, खीरा 55 से 60 रुपये, शिमला मिर्च 80 रुपये और हरी मिर्च 100 रुपये किलो तक पहुंच गई है। आलू ही एकमात्र ऐसी सब्जी है जो 20 से 25 रुपये किलो पर बिक रही है।

गेहूं का भाव 2625 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। प्रत्येक वर्ष गेहूं के दाम इस समय बढ़ते हैं। बीते वर्ष जनवरी व फरवरी माह में गेहूं का भाव 2800 रुपये के आसपास पहुंच गये थे।

                                                                                  संदीप कुमार, मंडी प्रभारी, बांदा