जागरण संवाददाता, बांदा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को शीघ्र खुले में शौचमुक्त कराने के लिए जिला व ब्लाक मुख्यालयों में वाररूम खुलवाने के आदेश दिए थे। इसी के तहत तत्कालीन डीएम ने विकास भवन के एक कक्ष में वाररूम स्थापित कराया था। लेकिन डीडीओ ने डीएम के बिना अनुमोदन वार रूम खाली करने के निर्देश दिए हैं। इससे शौचालय के निर्माण की प्रगति और दो अक्तूबर तक जिले को खुले में शौचमुक्त कराने की मंशा पर पानी फिर सकता है।

स्वच्छता मिशन के तहत जिले में करीब डेढ़ लाख शौचालय बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी 60 हजार से ज्यादा शौचालय बनवाए जाने हैं। जबकि जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में जिला विकास अधिकारी ने मिशन को एक झटका दिया है। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र जारी कर खोले गए ओडीएफ वार रूम को तत्काल खाली करने का फरमान जारी कर दिया है। अब वार रूम में कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को बोरिया-बिस्तर यहां से समेटना होगा। दरअसल इस दफ्तर में अब जिला पंचायत अध्यक्ष का ठिकाना बनाया जा रहा है। वह डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) के चेयरमैन होने के नाते विकास भवन में बैठेंगी। नियमत: जिला पंचायत का दफ्तर डीआरडीए में ही खोला जाना चाहिए। लेकिन इसे डीपीआरओ कार्यालय के बगल में स्थापित वार रूम में खोला जा रहा है। इसकी चर्चा भी तेज रही। फिलहाल 24 घंटे में वाररूम खाली करने के फरमान के बाद विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों में दफ्तर में बैठने का संकट खड़ा हो गया है। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि वार रूम से जिले में शौचालयों की स्थिति अपडेट की जाती है। स्वच्छता मिशन के सारे कार्य यहीं से हो रहे हैं। डीडीओ के मनमाने फरमान के वजह से स्वच्छता मिशन पर आंच आ सकती है।

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वार रूम हटवाए जाने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो वह सीडीओ से बात करेंगे। वार रूम को नहीं हटने दिया जाएगा।

-डीएम हीरालाल

विकास भवन में कक्षों की संख्या सीमित है। इसलिए किसी को बसाने के लिए किसी को तो हटाना ही पढ़ेगा। इसलिए वाररूम को हटाने का निर्णय लिया गया है।-सीडीओ हीरालाल

Posted By: Jagran