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बांदा में अभ्युदय कोचिंग से संवरेगा युवाओं का भविष्य, सपनों को लगेंगे पंख

Published: Thu, 18 Jun 2026 01:07 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत बांदा में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है, जिसमें पिछले सत्र में 11 छात्रों का चयन हुआ।

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HighLights

  1. अभ्युदय योजना से युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा तैयारी।

  2. पिछले सत्र में 11 छात्रों का विभिन्न परीक्षाओं में चयन।

  3. नया बैच 1 जुलाई से, 253 आवेदन जमा।

जागरण संवाददाता, बांदा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत जिले में युवाओं का भविष्य संवारने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कोचिंग में जरूरतमंद और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निश्शुल्क व गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाती है।

बीते सत्र (जुलाई-अप्रैल) में 396 छात्रों के बैच में से 11 मेधावियों का विभिन्न क्षेत्रों में चयन भी हो चुका है। इसमें यूपीएससी, एसएससी, नीट आदि में चयन शामिल है। नये सत्र के लिए विभाग से गए 307 आवेदनों में से 253 आवेदन जमा हो चुके हैं। एक जुलाई से नया बैच शुरू किया जाएगा।

जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निश्शुल्क तैयारी करवाई जाएगी। बीते वर्षों की तरह इस बार भी अनुभवी व विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयवार मार्गदर्शन के अलावा नियमित कक्षाएं, समसामयिक विषयों की जानकारी, टेस्ट सीरीज और डाउट क्लियरिंग सेशन के जरिए छात्रों को मजबूत शैक्षिक आधार प्रदान किया जाएगा।

जिले में यूपीएससी, नीट व एसएससी जैसी परीक्षाओं की निश्शुल्क तैयारी के मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत कराई जाती है। इस सत्र में भी पिछले सत्रों की तर्ज पर सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने के लिए उत्साह देखा जा रहा है।

इस सत्र में 307 युवाओं ने विभाग से आवेदन लिया है। जिसमें अब तक 253 आवेदन जमा हो चुके हैं। इसमें सबसे अधिक एसएससी के लिए 132, यूपीएससी के लिए 68 व नीट के लिए 53 आवेदन परीक्षा की तैयारी को लेकर आए हैं।

इस बार योजना के तहत जेईई के आवेदन भी मांगे गए लेकिन अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है। अभ्युदय कोचिंग शहर के जिला परिषद के पास स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय के विज्ञान संकाय में संचालित की जाती है। एक जुलाई से संचालन को लेकर तैयारियां की जा रहीं हैं।

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वरदान साबित हो रही योजना, घर बैठे कर सकते हैं तैयारी

सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना वरदान साबित हो रही है। बहुत से अभिभावक ऐसे हैं जो अपनी बेटियों को घर के बाहर अन्य शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए नहीं भेजना चाहते हैं।

उनकी मंशा होती है कि घर पर ही बेटियों का पठन-पाठन चलता रहा। ऐसी छात्राओं के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। बीते सत्र में (जुलाई-अप्रैल) में 396 छात्रों का बैच संचालित हुआ, जिसमें यूपीएसएससी में 179, नीट में 79 व एसएससी में 138 छात्र शामिल रहे।

इनमें से 11 मेधावियों का विभिन्न क्षेत्रों में चयन भी हो चुका है। इसमें एसएससी में तीन, पुलिस में एक, पीसीएस मेन से साक्षात्कार के लिए चयन में एक, जूनियर असिस्टेंट में एक, यूजीसी नेट में एक, मिलेट्री इंजीनियर में एक छात्र का चयन हो चुका है।

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए अभ्युदय योजना संजीवनी साबित हो रही है। जनपद में रहकर ही गरीब छात्र -छात्राएं प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर सकते, अब उनको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

अभिभावक दिनेश कुमार, बिजली खेड़ा

मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग संस्थान में विभिन्न विषयों पर अच्छा मार्गदर्शन मिला, तैयारी के हिसाब से कोचिंग बेहतर साबित हो रही है। उनके जूनियर असिस्टेंट के चयन में कोचिंग का बेहतर योगदान रहा।

रवि कुमार, जूनियर असिस्टेंट, कालू कुआं

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। एक जुलाई से राजकीय महिला महाविद्यालय के विज्ञान संकाय में संचालित की जाएगी। अभिषेक अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बांदा