जागरण संवाददाता, बांदा : जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून मेहरवान दिखा। शुक्रवार शाम हुई मूसलाधार बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी। वहीं 24 घंटे के दौरान 98.01 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। पिछले पांच दिनों में मेघों ने 155 मिलीमीटर बारिश की। ये बारिश जहां शहर वासियों के लेकर आफत लेकर आई तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अमृत साबित हुई।

पिछले कुछ दिनों से हल्की बारिश हो रही थी। इससे उमस के कारण लोगों का बुरा हाल था। लेकिन शुक्रवार को मानसून की सबसे तेज बारिश हुई। शाम को छह बजे से शुरू हुई बारिश दो घंटे तक चली। इससे शहर व गांवों में हर तरफ-तरफ पानी ही पानी नजर आया। उधर, इस वर्ष जुलाई माह के दूसरे दिन से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक दो जुलाई को 44 मिलीमीटर, तीन जुलाई को 13.0 मिलीमीटर बारिश हुई। चार जुलाई को बदली रही, पर बारिश नहीं हुई। वहीं पांच जुलाई शुक्रवार को मूसलाधार बारिश हुई। कुल 90.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं छह जुलाई को 7.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इस तरह पिछले पांच दिनों में अब तक 155 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। शुक्रवार की बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। अधिकतम तापमान 39 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में आ‌र्द्धता 55 फीसद रही।

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नर्सरी डालने में आई तेजी :

सूखे के अंदेशे से चितित किसानों को बारिश ने बड़ी राहत दी। जिले में करीब एक लाख हेक्टेअर में धान की फसल होती है। झमाझम बारिश के बाद किसान धान की नर्सरी डाल रहे हैं। वहीं अरहर, मूंग, उड़द आदि की फसलों की बुवाई का कार्य भी तेज हो गया है।

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कहीं खुशी तो कहीं गम :

बारिश ने ज्यादातर लोगों को राहत व खुशियां दीं वहीं शहर के कई मोहल्ले के बाशिदों में जलभराव से परेशानियां रहीं। शहर के अवंती नगर, कालूकुआं, धीरज नगर, शांति नगर, कुशवाहा नगर, गायत्री नगर, जीआइसी मैदान, कलेक्ट्रेट परिसर, लोहिया पुल, क्योटरा, जरैली कोठी, झील का पुरवा आदि मोहल्लों में बहुत सी गलियां उफनाई हुई थीं। कई गलियों को देखकर लग रहा था कि कोई छोटी मोटी नहर बह रही है। बाजार में कई दुकानों में पानी घुस गया। कड़ी मशक्कत के बाद दुकानदार सामान सुरक्षित कर सके।

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बारिश में बिजली धड़ाम, उपभोक्ता बेहाल

संवाद सहयोगी, बबेरू : शुक्रवार की देर शाम हुई तेज बारिश से कस्बे के प्रमुख मार्गो में पानी भर गया। नालियों की सफाई न होने से बारिश का पानी उफान मारकर लोगो के घरों में घुस गया। लोग किसी तरह पानी निकालने में जुटे रहे। वहीं बारिश के पानी व जलभराव के कारण दस एमबीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे देर रात तक कस्बे की बिजली आपूर्ति ठप रही। ग्रामीण क्षेत्रों के हालात और दयनीय बने रहे। कस्बे के लोगों ने उपकेंद्र पहुंचकर बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की। बिजली विभाग के कर्मियों ने दूसरे फीडर से लाइन जोड़कर कस्बे की बिजली कुछ समय के लिए बहाल की। लेकिन इस उमस भरी गर्मी में पर्याप्त नही हैं। जेई गोपाल का कहना है कि ट्रांसफार्मर पर तकनीकी खराबी आ गई है। इस कारण बबेरू, बिसंडा, मर्का, सतन्याव, औगासी फीडरों को अलग-अलग रोस्टर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। तीन दिन के अंदर ट्रांसफार्मर आ जाएगा।

Posted By: Jagran

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