जागरण संवाददाता, बांदा : मंडल में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के लिए विभाग बड़ी संख्या में उपकेंद्रों का निर्माण करा रहा है। इनके बनने से आए दिन होने वाली फाल्ट व ओवर लोड की समस्या से निजात मिलेगी। मंडल में 38 करोड़ की लागत से 17 उपकेंद्र पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं। 11 नए उपकेंद्र बनने के बाद बिजली समस्या से मंडल को काफी हद तक निजात उबरा महसूस करेगा।

बुंदेलखंड वासियों को बिजली समस्या से निजात दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में एक उपकेंद्र के जिम्मे बहुत बड़े एरिया को विद्युत आपूर्ति की जाती है। ऐसे में ओवर लोड और फाल्ट की समस्या अक्सर बनी रहती है। कहीं पर भी फाल्ट आने से कई-कई दिन तक गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप रहती है।विद्युत आपूर्ति सुचारू ढंग से न होने के कारण ¨सचाई व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। मंडल में इस समस्या से निपटने के लिए विद्युत विभाग तीव्र गति से कदम आगे बढ़ा रहा है। इसके लिए दीनदयाल विद्युतीकरण ग्रामीण योजना के तहत मंडल में बड़ी संख्या में उपकेंद्रों की स्थापना की जा रही है। 132 केवी के 15 व 220 केवी के दो उपकेंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं। इसी के साथ 132 केवी के 7 उपकेंद्र, 220 के दो व 33 केवी के दो उपकेद्रों का निर्माण प्रगति पर है।

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मंडल में निर्माणाधीन उपकेंद्रो

जनपद, संख्या, लागत, निर्मित उपकेंद्र

बांदा, 3, 1339.36 लाख, 5

महोबा, 2, 740.15 लाख, 4

चित्रकूट, 4, 1286.94 लाख, 2

हमीपरपुर, 2, 505.24 लाख,6

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योग, 11, 38 करोड़ 71 लाख, 17

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- शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण इलाकों को शत-प्रतिशत विद्युतीकृत करने के लिए उपकेंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनके बनने से ¨सचाई संसाधनों को भी उचित विद्युत आपूर्ति होगी। किसानों को इससे काफी फायदा होगा।

राजेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता।

Posted By: Jagran

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