बलरामपुर : जिले में नहरों का संचालन नहीं शुरू हो सका है। अधिकांश नलकूप भी पानी नहीं उगल पा रहे हैं। निजी साधनों, नदी व पोखरे से किसानों को फसलों की सिचाई करनी पड़ रही है। जिससे खेती पर विपरीत असर पड़ रहा है। तुलसीपुर, हरैया व गैंसड़ी हार्ड एरिया में आते हैं। जिससे किसानों को बोरिग कराना आसान नहीं है। लागत अधिक होने के कारण किसान बोरिग कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। जिसे देखते हुए नलकूप महकमे ने 45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। जिले के नौ विकास खंड क्षेत्रों के तीन लाख से अधिक किसान हैं। इन विकास खंडों में 371 नलकूपों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें 50 से अधिक नलकूप पानी नहीं उगल रहे हैं। नालियां व कुलाबे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नए नलकूपों के निर्माण व पुराने नलकूपों की मरम्मत हो जाने से किसानों की फसलें पानी के अभाव में नहीं सूख सकेंगी।

प्रधानमंत्री सिचाई योजना के तहत नीति आयोग केंद्र सरकार को नवंबर के अंतिम पखवारे में प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जिसमें 50 नलकूपों, नालियों व कुलाबों की मरम्मत की जाएगी। साथ ही 98 नए नलकूपों का निर्माण कराया जाएगा। अंडरग्राउंड पाइप लाइन होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी पहुंच सकेगा। इसके लिए 45 करोड़ रुपये की कार्ययोजना सौंपी जा चुकी है। बजट आवंटन होते ही कार्य तेजी से कराए जाएंगे। -कृष्णा करुणेश, डीएम

Posted By: Jagran

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