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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दूषित मिठाई खाने से बीमारों में से तीन की मौत

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Published: Sun, 16 Nov 2014 12:03 AM (GMT+05:30)

बलरामपुर : 14 दिन पहले मुहर्रम के मेला में दूषित मिठाई खाने से बीमार ग्रामीणों की हालत नहीं सुधर रही

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बलरामपुर : 14 दिन पहले मुहर्रम के मेला में दूषित मिठाई खाने से बीमार ग्रामीणों की हालत नहीं सुधर रही है। पीड़ितों में से एक वृद्ध व दो बच्चों ने शुक्रवार की रात दम तोड़ दिया। बनघुसरी व सुगानगर डुमरी में अब तक चार मौत हो चुकी है। चार मौतों के बाद सीएमओ ने गांव पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

थाना पचपेड़वा क्षेत्र के ग्राम बनघुसरी ने सुगानगर डुमरी के करीब 30 लोग मुहर्रम के मेले में दूषित मिठाई खाने से बीमार हो गए थे। मुहर्रम का मेला चार नवंबर को चित्तौड़गढ़ गांव के पास लगा था। मेले में जिन ग्रामीणों ने मिठाई खाई थी वे उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए थे। मोहर्रम के दूसरे दिन छह नवंबर को कमाल की छह वर्षीय पुत्री रूबी की मौत हो गई थी। इसकी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया था। करीब 25 लोगों का उपचार गांव में ही एएनएम व सुपरवाइजर द्वारा किया जा रहा था। 25 बीमार लोगों में से कुछ की हालत सुधर गई। जबकि बीमार लोगों में से शुक्रवार की रात तीन की हालत अधिक बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर बनघुसरी निवासी कानी (70) पत्‍‌नी मंगरे व शबनम (सात) अकबाल और सुगानगर डुमरी निवासी आशा (10) पुत्री ओमप्रकाश की मौत हो गई। इस तीन मौत से गांव में दहशत है। अभी भी नसीर (70) पुत्र फौजदार, असलेपूर (65) पत्‍‌नी नसीर व मरियम पुत्री नसीर बीमार हैं। इन पीड़ितों का उपचार पचपेड़वा में एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां चल रहा है। गांव में एएनएम नील, मैनावती व सुपरवाइजर मोतीलाल तैनात हैं। इनके द्वारा पीड़ितों का उपचार किए जाने का दावा किया जा रहा है। हल्का लेखपाल मनीराम ने बताया कि जिले के डॉक्टरों की टीम भेजने के लिए सीएमओ सूचना दी गई थी, लेकिन कोई नहीं आया। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।

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वनघुसरी व सुगानगर डुमरी गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लगातार काम कर रही है। चिकित्सकों की कमी के कारण गांव में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई। स्वयं मैं गांव पहुंचकर टीम के कार्यो की समीक्षा की है। ग्रामीणों को स्वच्छ पानी व साफ-सफाई की हिदायत दी गई है।

- डॉ. यूके वर्मा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी

बलरामपुर