बलरामपुर : मध्याह्न भोजन बनाने के लिए परिषदीय स्कूलों में रसोई गैस सिलिडर उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में लापरवाही व खराबी होने पर आग लगने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके ज्यादातर स्कूलों अग्निशमन यंत्र में नहीं हैं। जिन स्कूलों में यंत्र खरीदे भी गए, उनकी रीफिलिग व सुरक्षा मानकों की जांच नहीं हुई। यही नहीं, कितने स्कूलों में अग्निशमन यंत्र कब खरीदे गए, इसका जवाब विभागीय अफसरों के पास नहीं है। ऐसे में नौनिहालों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

जिले के 1,575 प्राथमिक व 646 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। विद्यालय विकास अनुदान के तहत प्राथमिक में पांच हजार व उच्च प्राथमिक में सात हजार रुपये का बजट एसएमसी के खातों में भेजा गया। अधिकांश स्कूलों में कागजों पर खरीद दिखाकर बजट का बंदरबांट कर लिया गया।

शिक्षा क्षेत्र बलरामपुर के आदर्श प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजिया खातून व उतरा बानो ने बताया कि अग्निशमन यंत्र नहीं है। उच्च प्राथमिक विद्यालय मुजेहनी की प्रधानाध्यापिका अतिया इरफाना ने भी अग्निशमन यंत्र न होने की बात कही। श्रीदत्तगंज क्षेत्र के प्रावि पटियाला ग्रंट, सदर ब्लॉक के प्रावि पीलीभीत, शिवपुरा क्षेत्र के प्रावि संकरी व प्रावि लखौरा के शिक्षकों ने भी अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता से इन्कार किया।

बीते दिनों उतरौला शिक्षा क्षेत्र के नयानगर विशुनपुर स्कूल में हाईटेंशन तार गिरने पर 53 नौनिहालों की जान आफत में पड़ गई थी। ऐसे में स्कूलों में आग लगने की संभावना भी बनी रहती है। बावजूद इसके शिक्षक नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हुए। बीएसए हरिहर प्रसाद का कहना है कि स्कूलों में अग्निशमन यंत्र आवश्यक है। इसके लिए सभी को निर्देश भी दिया गया है। यदि यंत्रों की जांच नहीं की गई है तो, मामला गंभीर है।

Posted By: Jagran

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